अल्मोड़ा। जम्मू-कश्मीर के राजौरी क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान वीरगति को प्राप्त 5 असम रेजिमेंट के अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को श्रद्धांजलि देने रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उनके अल्मोड़ा स्थित पांडेखोला आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री ने शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिवार से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का राष्ट्र की रक्षा के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। उनका साहस, समर्पण और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश के लिए शहादत देने वाले कभी नहीं मरते, बल्कि अमर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद के परिवार की हर संभव सहायता करेगी और उनकी आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अल्मोड़ा में किसी प्रमुख स्थान पर शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के नाम से एक भव्य स्मृति द्वार (गेट) का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में होने वाले अन्य विकास कार्यों में भी उनके योगदान और बलिदान को स्मरणीय बनाया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी उनसे प्रेरणा ले सके।
गौरतलब है कि लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी राजौरी क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनके पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अल्मोड़ा लाया गया था, जहां हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के वीर सपूतों का बलिदान सदैव राष्ट्र के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा और प्रदेश को अपने इस वीर जवान पर गर्व है।