June 23, 2026 12:43 pm

रात्रिकालीन कार्यों को सशर्त अनुमति, लापरवाही पर दून डीएम का सख्त एक्शन

देहरादून: जनपद में विकास कार्यों को गति देने और आम जनता की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक में विभिन्न विभागों के भूमिगत कार्यों की समीक्षा की। बैठक में 14 विभागों और एजेंसियों के प्रस्तावों पर विचार करते हुए आवश्यक कार्यों को रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक सशर्त अनुमति प्रदान की गई।

बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान, विद्युत विभाग, गेल, वोडाफोन, टाटा कम्युनिकेशन, केएफडब्ल्यू, पीएसयू समेत विभिन्न एजेंसियों के प्रस्तावों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किए जाएं।

बैठक के दौरान ईसी रोड स्थित होटल रिजेंट के निकट सीवर चैंबर निर्माण और ट्रंक लाइन इंटरकनेक्शन के दो से तीन दिन के कार्य को छह माह तक लंबित रखने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित पीआईयू स्मार्ट सिटी के सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करते हुए कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी और लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए सक्षम अधिकारियों का व्हाट्सएप समूह बनाने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और त्वरित संवाद सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने निर्माण एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अनुमति मिलने के बावजूद समय पर कार्य पूरा नहीं करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे तथा आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी निर्माण कार्य के दौरान यदि किसी अन्य विभाग की परिसंपत्ति क्षतिग्रस्त होती है तो संबंधित एजेंसी उसकी तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करे।

डीएम ने कहा कि मानसून के मद्देनजर जिन सड़कों का सुधारीकरण हो चुका है, वहां किसी भी प्रकार की खुदाई या रोड कटिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अनुमति से अधिक खुदाई, अधूरा कार्य छोड़ने या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और जब्ती जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि रात्रि में की गई खुदाई के गड्ढों को सुबह तक भरना अनिवार्य होगा तथा कार्यस्थलों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और साइनबोर्ड लगाए जाएं, जिससे आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में लोक निर्माण विभाग, पिटकुल, गेल, जल संस्थान, एडीबी, यूयूएसडीए तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।