अल्मोड़ा। द्वाराहाट से कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट ने बहुउद्देशीय शिविर के दौरान हुए विवाद को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यक्रम में प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन किया गया, जिसके विरोध के बाद मंच पर कहासुनी की स्थिति बन गई।
मदन बिष्ट ने कहा कि बहुउद्देशीय शिविर में वह स्वयं और ब्लॉक प्रमुख मौजूद थे, लेकिन कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिलाध्यक्ष कर रहे थे, जो पूरी तरह प्रोटोकॉल के खिलाफ था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जिलाध्यक्ष ने मंच से यह तक कह दिया कि यह कार्यक्रम उनका है, जिसका उन्होंने विरोध किया।
विधायक ने कहा कि सरकारी कार्यक्रम का संचालन किसी सरकारी अधिकारी या अधिकृत व्यक्ति को करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत क्षेत्र में नल तो लगा दिए गए, लेकिन उनमें पानी नहीं पहुंच रहा है। इन मुद्दों को उठाने पर मंच पर बहस और विवाद की स्थिति बन गई।
मदन बिष्ट ने राज्य सरकार पर विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से उनके विधानसभा क्षेत्रों के लिए 10 प्रमुख विकास कार्यों की सूची मांगी थी और उन्हें पांच वर्षों में पूरा करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार का कार्यकाल समाप्ति की ओर है, लेकिन उनके क्षेत्र में सूचीबद्ध एक भी बड़ा कार्य पूरा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि भाजपा केवल झूठे वादे कर जनता को गुमराह कर रही है। विकास के नाम पर कुछ नहीं किया गया और केवल धार्मिक भावनाओं के सहारे राजनीति की जा रही है।
विधायक ने बताया कि द्वाराहाट अस्पताल के उच्चीकरण की मांग भी अब तक पूरी नहीं हुई। इसके लिए क्षेत्र की जनता को दो महीने तक आंदोलन करना पड़ा, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ विकास कार्य उन्होंने स्वयं अधिकारियों और शासन स्तर पर लगातार प्रयास करके पूरे कराए।
मदन बिष्ट ने कहा कि वर्ष 2014 से 2017 के दौरान उनके कार्यकाल में क्षेत्र में पर्याप्त विकास कार्य हुए थे। उन्होंने कहा कि सड़कों, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं के विकास की जिम्मेदारी सरकार की है, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित टिप्पणी को लेकर पूछे गए सवाल पर विधायक मदन बिष्ट ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।