July 12, 2026 1:29 pm

केदारनाथ वीआईपी मेहमाननवाजी प्रकरण में अनियमितताओं की पुष्टि, शासन ने कार्रवाई के दिए निर्देश

देहरादून। केदारनाथ धाम में वीआईपी अतिथियों के आवास एवं भोजन पर मंदिर समिति के कोष से खर्च किए जाने के मामले में गठित जांच समिति ने वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि की है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद उत्तराखंड सरकार ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। रिपोर्ट में कुछ मामलों में विशिष्ट अतिथियों के आवास और भोजन से जुड़े बिलों का भुगतान मंदिर समिति के माध्यम से किए जाने तथा निर्धारित वित्तीय प्रक्रिया का पूर्ण पालन नहीं होने की बात सामने आई है।

यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों में कुछ वीआईपी व्यक्तियों के आवास एवं भोजन का खर्च मंदिर समिति द्वारा वहन किए जाने के आरोप लगे थे। दस्तावेजों में भाजपा प्रदेश सचिव नेहा जोशी और केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के नाम भी सामने आए थे। हालांकि दोनों ने इन आरोपों से इनकार करते हुए अपने निजी खर्च का भुगतान स्वयं करने की बात कही थी।

मामले की जांच के लिए बीकेटीसी ने चार सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति ने वित्तीय अभिलेखों, बिलों और भुगतान प्रक्रिया की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट के आधार पर पर्यटन एवं धर्मस्व विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

25 जून 2026 को शासन के उप सचिव अनिल कुमार पांडे द्वारा बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया मंदिर कोष से बिना सक्षम स्वीकृति अग्रिम धनराशि जारी किया जाना वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में पाया गया है। पत्र में तत्कालीन व्यवस्थापक केदारनाथ, तत्कालीन मुख्य प्रभारी अधिकारी तथा तत्कालीन मुख्य कार्याधिकारी की भूमिका की भी जांच कर बीकेटीसी अधिनियम-1939 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।

जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद मंदिर कोष के उपयोग को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग तेज हो गई है। विपक्ष ने भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में मंदिर कोष के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।