July 14, 2026 4:31 pm

उत्तराखंड में इको टूरिज्म को मिलेगा नया आयाम, अगस्त तक आ सकती है ट्रेकिंग पॉलिसी

देहरादून। उत्तराखंड में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में वन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर ट्रेकिंग पॉलिसी को अगस्त तक कैबिनेट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रदेश में नई ट्रेकिंग साइट्स विकसित करने, ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था लागू करने और नेचर गाइड प्रशिक्षण शुरू करने पर भी जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड में इको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। इसे स्थानीय लोगों की आजीविका से जोड़ते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने ट्रेकिंग के लिए नई चोटियों को खोलने और आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को चिन्हित स्थलों का पर्यावरणीय ऑडिट शीघ्र पूरा करने को कहा।

मुख्य फैसले एक नजर में

  • अगस्त तक ट्रेकिंग पॉलिसी कैबिनेट में पेश करने का लक्ष्य।
  • प्रदेश में नई ट्रेकिंग चोटियों और साइट्स को विकसित करने की तैयारी।
  • ट्रेकिंग स्थलों, वन विश्राम गृहों और पर्यटन स्थलों की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था लागू होगी।
  • जबरखेत मॉडल पर विकसित की जा रही 9 इको टूरिज्म साइट्स का अक्टूबर तक लोकार्पण करने के निर्देश।
  • वन विभाग में फॉर्मल नेचर गाइड ट्रेनिंग और प्रमाणन पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा।
  • अक्टूबर में वन्यजीव सप्ताह के दौरान नेचर गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का लक्ष्य।
  • 31 ट्रेकिंग साइट्स, इको कैंप और इको हब के संचालन की नई व्यवस्था तैयार होगी।
  • वन विभाग या वन निगम में से किसी एक एजेंसी को संचालन की जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव एक माह में तैयार किया जाएगा।

स्थानीय रोजगार पर रहेगा फोकस

मुख्य सचिव ने कहा कि इको टूरिज्म का उद्देश्य केवल पर्यटन बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी तैयार करना है। इसके लिए प्रशिक्षित नेचर गाइड, ट्रेकिंग प्रबंधन और इको कैंप संचालन जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा।

ऑनलाइन होगी पूरी व्यवस्था

बैठक में निर्देश दिए गए कि वन विभाग के सभी ट्रेकिंग रूट, माउंटेनियरिंग गतिविधियां, वन विश्राम गृह और अन्य पर्यटन स्थलों की बुकिंग पूरी तरह ऑनलाइन की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और क्षमता से अधिक बुकिंग की समस्या समाप्त हो सके।