देहरादून: बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। हेमंत द्विवेदी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद गणेश गोदियाल ने खुली बहस की चुनौती स्वीकार करते हुए प्रेस क्लब देहरादून में जवाब देने का ऐलान किया है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि वह प्रेस क्लब में मीडिया के सामने बीकेटीसी अध्यक्ष के सभी आरोपों का जवाब देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावा चोरी प्रकरण में गिरफ्तार कर्मचारी वर्तमान बीकेटीसी अध्यक्ष के निजी सहायक के रूप में कार्य कर चुका है। उनका दावा है कि संबंधित कर्मचारी को देहरादून कार्यालय से बदरीनाथ धाम तक अध्यक्ष के साथ संबद्ध रखा गया और बाद में उसे चढ़ावे की राशि की गणना की जिम्मेदारी दी गई।
गोदियाल ने कहा कि बीकेटीसी अध्यक्ष उनके कार्यकाल को लेकर जो आरोप लगा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि यदि सार्वजनिक मंच पर चर्चा की बात कही गई है तो वह इसके लिए तैयार हैं और सभी तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखेंगे।
दरअसल, बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सबसे पहले भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने उठाया था। आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया, जबकि राज्य सरकार ने भी तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई।
मामले में कार्रवाई करते हुए बीकेटीसी के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को पहले निलंबित किया गया और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की सुरक्षा और मंदिर समिति की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।