देहरादून। पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, नरेंद्रनगर में आयोजित उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस, अभिसूचना एवं गुल्मनायक) के आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के अपर सचिव प्रकाश चंद्र ने प्रशिक्षु अधिकारियों को आपदा प्रबंधन विषय पर विशेष व्याख्यान दिया।
व्याख्यान के दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के प्रमुख प्रावधानों, विभिन्न संस्थाओं की भूमिका, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, राहत एवं बचाव कार्यों तथा समन्वित आपदा प्रबंधन व्यवस्था की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राज्य में भूस्खलन, अतिवृष्टि, बादल फटना, बाढ़, हिमस्खलन, भूकंप और वनाग्नि जैसी प्राकृतिक आपदाओं की संवेदनशीलता पर भी प्रकाश डाला।
प्रकाश चंद्र ने कहा कि आपदा की स्थिति में पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि राहत एवं बचाव, प्रभावित लोगों की सुरक्षित निकासी, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने में भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
उन्होंने प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से अपील की कि वे आपदा प्रबंधन से जुड़े विधिक प्रावधानों, मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) और आधुनिक तकनीकों की जानकारी को व्यवहारिक कार्यों में अपनाकर जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
कार्यक्रम के अंत में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से प्रकाशित ‘आपदा प्रबंधन हस्तपुस्तिका’ तथा विभिन्न आपदाओं से संबंधित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की प्रतियां पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय को भेंट की गईं।