August 11, 2026 4:41 pm

कांवड़ यात्रा में नया रिकॉर्ड ! 4.80 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हरिद्वार, DM और SSP ने किया जलाभिषेक

हरिद्वार। इस वर्ष हरिद्वार में आयोजित कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। सावन की शुरुआत से कांवड़ मेले के समापन तक करीब 4.80 करोड़ कांवड़िए धर्मनगरी पहुंचे। बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने हरकी पैड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान कर गंगाजल भरा और अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। अधिकारियों के अनुसार अंतिम आंकड़ा और बढ़ सकता है।

कांवड़ मेले के सफल आयोजन के बाद जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा का पूजन और आरती की। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

मेले के दौरान हरकी पैड़ी सहित प्रमुख गंगा घाटों, कनखल, ज्वालापुर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। अंतिम दिनों में डाक कांवड़ियों की संख्या बढ़ने से राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव भी बढ़ा।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था रही बड़ी चुनौती

कांवड़ मेले के दौरान पुलिस और प्रशासन के सामने भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा बड़ी चुनौती रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि डाक कांवड़ वाहनों की आवाजाही और छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था की गई थी। बैरागी कैंप पार्किंग को निर्धारित समय और सीमा के अनुसार संचालित किया गया। डाक कांवड़ की वापसी को बड़ी चुनौती बताते हुए उन्होंने कहा कि सुदृढ़ योजना के तहत इसे व्यवस्थित किया गया।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि करीब 15 दिनों तक बड़ी संख्या में कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे और सभी विभागों ने समन्वय के साथ कार्य किया। पुलिस विभाग की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से भी कांवड़ मेले की लगातार समीक्षा की गई और प्राप्त निर्देशों के अनुसार व्यवस्थाएं संचालित की गईं।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस कांवड़ मेले से कई महत्वपूर्ण अनुभव और सीख मिली हैं। इनसे सबक लेते हुए आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को और बेहतर तरीके से पूरा किया जाएगा।

पिछले वर्ष करीब 4.48 करोड़ कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे थे। इस बार यह आंकड़ा पार हो गया है। अधिकारियों के अनुसार अंतिम संकलित आंकड़ा जारी होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या पांच करोड़ के पार पहुंचने की संभावना है।