August 11, 2026 4:40 pm

सीएम धामी ने छात्रों से किया संवाद, ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन पोर्टल’ का शुभारंभ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में प्रदेशभर के छात्र-छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन पोर्टल’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड : एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता भी शुरू हुई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 140 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इन विद्यार्थियों की नीट, जेईई, क्लैट और सैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग तथा आवश्यक शुल्क राज्य सरकार की ओर से वहन किया जाएगा।

कार्यक्रम में प्रदेशभर के 2,828 सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के कक्षा 11वीं और 12वीं के करीब तीन लाख से अधिक विद्यार्थियों ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने खेलों को बढ़ावा देने, सप्ताह में चार दिन खेल की कक्षाएं आयोजित करने, उच्च शिक्षा को मजबूत करने, पर्यटन को बढ़ावा देने तथा विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने जैसे सुझाव दिए।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें नोट किया और अधिकारियों को इन सुझावों के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के उपयोगी सुझावों को सरकार की नीतियों में भी शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी देश का वर्तमान और भविष्य हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा में केवल अंक हासिल करना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि विषय की समझ, संस्कार और अनुशासन भी सफलता के लिए जरूरी हैं। पढ़ाई को बोझ न मानकर भविष्य संवारने का माध्यम समझना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफलता केवल स्वयं आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि दूसरों को भी आगे बढ़ाने में है। युवाओं को अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का सकारात्मक दिशा में उपयोग करते हुए समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देना चाहिए।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के संतुलित उपयोग की सलाह

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को लेकर भी सावधान किया। उन्होंने कहा कि किसी विषय पर सबसे पहले अपनी बुद्धि, विवेक और सोचने की क्षमता का उपयोग करना चाहिए। गुरुजनों के मार्गदर्शन और अनुभव से सीखने के बाद आवश्यकता पड़ने पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि तकनीक हमारी सहयोगी होनी चाहिए, सोचने और सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं।

मुख्यमंत्री ने पढ़ाई के साथ खेलों को भी महत्व देने की बात कही। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ी है। राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना भी संचालित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी की सोच और आकांक्षाओं को समझना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उनके लिए संवाद के रास्ते हमेशा खुले हैं और सरकार उनकी समस्याओं, सुझावों और विचारों को सुनने के लिए तत्पर है। निरंतर संवाद से ही बेहतर समझ और बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है।