August 14, 2026 6:35 pm

पीपलकोटी टनल हादसा: मंत्री मदन कौशिक ने एसईओसी पहुंचकर राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की

देहरादून। चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। शुक्रवार को आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने टनल में लापता लोगों की तलाश के लिए चलाए जा रहे खोज एवं बचाव अभियान, घायलों के उपचार और घटनास्थल पर संचालित अन्य राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।

अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र और अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक राजकुमार नेगी ने मंत्री को बचाव अभियान की प्रगति से अवगत कराया। मंत्री ने घायलों के उपचार की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही हादसे में मृत लोगों के शवों को पूरे सम्मान के साथ उनके गृह क्षेत्रों तक पहुंचाने की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान का जायजा ले चुके हैं और अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल भी जाना है। सरकार का प्रयास है कि प्रभावितों को हरसंभव सहायता मिले और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर कमी न रहे।

लापता लोगों की तलाश में तेजी लाने के निर्देश

मंत्री ने टनल के भीतर लापता लोगों की तलाश के लिए चलाए जा रहे खोज एवं बचाव अभियान को पूरी गंभीरता और बेहतर समन्वय के साथ जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान में शामिल सभी एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय रखा जाए और उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी सहायता का अधिकतम उपयोग किया जाए।

उन्होंने आने वाले दिनों के मौसम पूर्वानुमान की भी जानकारी ली और संभावित मौसम को देखते हुए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न नदियों के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी लेते हुए लगातार निगरानी बनाए रखने को कहा।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से सभी जनपदों के साथ लगातार प्रभावी समन्वय बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अधिकारी और राहत-बचाव दल 24 घंटे मुस्तैद रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने मौसम, नदियों के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।