देहरादून। विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के दो लाख से अधिक युवाओं को खेलों से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए इस बार खेल महाकुंभ को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से प्रदेशभर में युवाओं का पंजीकरण कराने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के साथ ही ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाना है।
खेल महाकुंभ के तहत ग्राम स्तर से प्रतियोगिताओं की शुरुआत होगी। इसके बाद प्रतिभागियों को न्याय पंचायत, विकासखंड, तहसील और जिला स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। इस प्रक्रिया के जरिए उन खिलाड़ियों की पहचान करने पर भी जोर रहेगा, जो संसाधनों के अभाव में अब तक बड़े मंच तक नहीं पहुंच सके हैं।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग की निदेशक दीप्ति सिंह के अनुसार, खेल महाकुंभ को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक सितंबर को टनकपुर से खेल महाकुंभ का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद प्रदेशभर में एक महीने तक विभिन्न स्तरों पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
खेल महाकुंभ एक सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान गांव से लेकर न्याय पंचायत, विकासखंड, तहसील और जिला स्तर तक अलग-अलग खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। सरकार की कोशिश है कि इस बार पिछले आयोजनों की तुलना में अधिक से अधिक युवा इसमें भाग लें। इसके लिए व्यापक स्तर पर पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है और संबंधित विभागों व अधिकारियों को युवाओं की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य दिया गया है।
सरकार का मानना है कि खेल महाकुंभ केवल खेल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से प्रदेश में नई खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें आगे बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतियोगिताओं के आयोजन से स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच मिलने की उम्मीद है।
हाल ही में युवाओं की बड़ी भागीदारी वाले आंदोलनों और रोजगार समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर सामने आई नाराजगी के बीच सरकार का यह अभियान राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में खेल महाकुंभ के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं को जोड़ने की सरकार की कोशिश पर सभी की नजरें रहेंगी।