देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासी घमासान के बीच निर्वाचन विभाग ने दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया की निगरानी के लिए तीन जिलों में नौ प्रशासनिक अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया है। हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर की 22 विधानसभा सीटों में मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया की निगरानी इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।
उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान अब तक एक लाख सात हजार से अधिक मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इनमें हरिद्वार जिले की पिरान कलियर विधानसभा सीट से विधायक फुरकान अहमद के नाम पर दर्ज आपत्ति भी शामिल है। इसी को लेकर विपक्षी दल लगातार निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने नौ आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में तैनात किया है। जारी आदेश के अनुसार हरिद्वार जिले में डॉ. संदीप तिवारी, ललित नारायण मिश्र, नन्द कुमार और गोपाल राम बिनवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नैनीताल जिले में संजय कुमार को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है। वहीं ऊधमसिंह नगर जिले में प्रकाश चन्द्र दुम्का, जय किशन, विनीत तोमर और दिवेश शाशनी को तैनात किया गया है।
पर्यवेक्षण अधिकारी संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियों के निस्तारण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इसमें नोटिस वितरण, नोटिस की तामीली और सुनवाई की प्रक्रिया शामिल है। साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की निगरानी भी की जाएगी।
नामित अधिकारियों को अपने दैनिक निरीक्षण की रिपोर्ट संबंधित मंडलायुक्त के माध्यम से मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को सप्ताह में दो बार प्रस्तुत करनी होगी। इसके लिए निर्वाचन नामावली से संबंधित वर्ष 2023 के निर्धारित पुनरीक्षण नियमों और रिपोर्टिंग प्रारूप का अनुपालन किया जाएगा।
आदेश के अनुसार निर्धारित पुनरीक्षण अवधि तक सभी नामित अधिकारी निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, पर्यवेक्षण और अनुशासन के अधीन रहेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। तीन जिलों की 22 विधानसभा सीटों में दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया पर अब इन नौ अधिकारियों की निगरानी रहेगी।