September 1, 2026 3:57 pm

खटीमा गोलीकांड के शहीदों को सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- बलिदान से मिला उत्तराखंड

खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को खटीमा गोलीकांड के शहीद राज्य आंदोलनकारियों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान सिंह सिरौला, प्रताप सिंह, रामपाल, सलीम अहमद, गोपीचंद, धर्मानन्द भट्ट और परमजीत सिंह सहित खटीमा गोलीकांड के शहीदों का बलिदान उत्तराखंड हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि खटीमा की धरती राज्य आंदोलन की तपोभूमि रही है। खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा जैसी घटनाओं में आंदोलनकारियों ने अपने रक्त से उत्तराखंड का इतिहास लिखा। यह राज्य संघर्ष, त्याग और बलिदान से मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड का निर्माण करना ही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्य सरकार आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन 3 हजार से बढ़ाकर 5,500 रुपये, घायल और जेल गए आंदोलनकारियों की पेंशन 7 हजार रुपये तथा अन्य चिन्हित आंदोलनकारियों की पेंशन 5,500 रुपये प्रतिमाह की गई है। आंदोलनकारियों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण में मातृशक्ति का योगदान भी ऐतिहासिक रहा है। इसी को देखते हुए महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्यहित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए धर्मांतरण विरोधी और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। वहीं अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान और उनके सपनों को हमेशा स्मरण रखते हुए सरकार सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।