September 1, 2026 3:58 pm

मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा और मसूरी के शहीद राज्य आंदोलनकारियों को किया नमन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा और मसूरी गोलीकांड में शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान से ही उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ। शहीद आंदोलनकारियों ने जिस उत्तराखंड की कल्पना की थी, उसे साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 सितंबर का खटीमा कांड, 2 सितंबर का मसूरी गोलीकांड और 2 अक्टूबर का रामपुर तिराहा कांड राज्य के इतिहास के ऐसे काले अध्याय हैं, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। राज्य निर्माण के लिए प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों का बलिदान हमेशा प्रदेशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं कल्याण के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। शहीद राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन 3 हजार से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रतिमाह की गई है।

इसी तरह आंदोलन के दौरान पूर्ण रूप से शय्याग्रस्त हुए दिव्यांग आंदोलनकारियों की पेंशन 20 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह की गई है और उनकी देखभाल के लिए चिकित्सा सहायक की व्यवस्था का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आंदोलन के दौरान 7 दिन जेल गए या घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन 6 हजार से बढ़ाकर 7 हजार रुपये, जबकि अन्य राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन 4,500 से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रतिमाह की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान और उनके सपनों का उत्तराखंड बनाना सरकार का संकल्प है। अमर शहीदों के बलिदान और आंदोलनकारियों के संघर्ष की भावना के अनुरूप सरकार सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।