हल्द्वानी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तराखंड दौरे के दूसरे दिन कार्यकर्ताओं, युवाओं और पूर्व सैनिकों से सीधा संवाद किया। गौरव सेनानी मिलन समारोह में पूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने वर्ष 2011 में कश्मीर के लाल चौक से जुड़ा अनुभव साझा किया।
नितिन नवीन ने बताया कि वर्ष 2011 में वह भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री थे। राष्ट्रीय एकता यात्रा के सिलसिले में उन्हें कोलकाता से कश्मीर जाने का अवसर मिला था। यात्रा की तैयारियों के दौरान जब वह कश्मीर पहुंचे और प्रशासन को बताया कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ता 26 जनवरी को लाल चौक पर तिरंगा फहराना चाहते हैं, तो वहां प्रेस वार्ता की तैयारी की गई।
उन्होंने कहा कि इसी दौरान लाल चौक पर पाकिस्तान का झंडा लहराता देखकर उनका सिर शर्म से झुक गया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केवल सरकार ही नहीं, बल्कि सोच में भी बदलाव आया है। आज कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा लहराता देखकर हर देशवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।
नितिन नवीन ने उत्तराखंड को वीर सैनिकों की भूमि बताते हुए कहा कि प्रदेश को पंचम धाम की संज्ञा दिया जाना यहां के वीर जवानों के सम्मान का प्रतीक है। इसी पवित्र भूमि ने देश को पहला प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत दिया। उन्होंने वरिष्ठ नेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी को भी याद किया।
इससे पहले नितिन नवीन ने बूथ अध्यक्ष राकेश आर्या के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और चाय पर चर्चा की। इसके बाद युवाओं से संवाद कार्यक्रम में चिकित्सा सहित विभिन्न महाविद्यालयों के छात्रों से शिक्षा, रोजगार और भविष्य की संभावनाओं पर सवाल-जवाब किए। उन्होंने शहीद स्मारक पहुंचकर वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी।
नितिन नवीन का दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा 9 सितंबर को हल्द्वानी से शुरू हुआ था। पहले दिन उन्होंने भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के साथ प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और कोर कमेटी के साथ बैठक की। 10 सितंबर को उन्होंने सेवा संकल्प अभियान की बैठक, पूर्व सैनिक सम्मेलन और रुद्रपुर में पंजाबी गौरव सम्मेलन में हिस्सा लिया।