September 10, 2026 10:44 pm

पूर्व सैनिकों के सम्मान में CM धामी का बड़ा संदेश, कहा – सैनिक कभी पूर्व नहीं होता

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्द्वानी में आयोजित गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह में पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों को सम्मानित किया। समारोह में कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों ने हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक अपने जीवन का स्वर्णिम समय राष्ट्र की रक्षा और सेवा में समर्पित करता है। सैनिक कभी पूर्व या भूतपूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक रहता है। उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है और यहां से दरबान सिंह नेगी, गबर सिंह नेगी, जनरल बीसी जोशी और जनरल बिपिन रावत जैसे अनेक वीर सपूत देश को मिले हैं।

धामी ने कहा कि वह स्वयं सैनिक के पुत्र हैं और सैनिक तथा उसके परिवार के त्याग, अनुशासन और संघर्ष को भली-भांति समझते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की रक्षा व्यवस्था और सैन्य सामर्थ्य मजबूत हुई है। भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ रक्षा उपकरणों का निर्यात भी कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से लंबित वन रैंक-वन पेंशन की मांग पूरी कर केंद्र सरकार ने पूर्व सैनिकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार भी सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। परमवीर चक्र विजेताओं की एकमुश्त अनुदान राशि 50 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये की गई है। बलिदानी सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्ति के लिए आवेदन की समय-सीमा भी दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष की गई है। सेवारत और पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की अचल संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तराखंड को वीरों की भूमि बताते हुए कहा कि यहां के सैनिकों का देश की रक्षा में अतुलनीय योगदान रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेना के आधुनिकीकरण और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने सीमावर्ती गांवों को देश का अंतिम गांव नहीं, बल्कि प्रथम गांव मानकर उनके विकास को प्राथमिकता देने की बात भी कही।

नितिन नवीन ने सैन्य धाम को वीर सैनिकों और शहीदों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का प्रतीक बताया और सैनिक कल्याण के लिए मुख्यमंत्री धामी द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सैनिकों और उनके आश्रितों की शिक्षा, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा रहा है। समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा समेत बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, सैनिक परिवार और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।