September 13, 2026 6:23 pm

CM धामी ने विद्यार्थियों ने साझा किए विकसित उत्तराखंड के सपने, कहा – युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य

टिहरी। कीर्तिनगर स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर के प्रेक्षागृह में ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ विषय पर मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर विकसित उत्तराखंड को लेकर उनके विचार, सुझाव और भविष्य की परिकल्पनाएं जानीं। उन्होंने कहा कि युवाओं की सोच, ऊर्जा और संकल्प ही प्रदेश के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कहा कि प्रदेश की भावी पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान के तहत प्रदेशभर से 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध और विचार भेजे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके विचार उत्तराखंड के विकास और उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी सोच को दर्शाते हैं।

कार्यक्रम में रुद्रप्रयाग की कक्षा 11 की छात्रा सीमा सेमवाल ने पलायन पर अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के लिए बाहर जाना हमेशा नकारात्मक नहीं है। बाहर जाकर पढ़ने और सीखने से युवाओं को अनुभव मिलता है, लेकिन पहाड़ों में माताओं-बहनों को आज भी कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। देवप्रयाग की श्रेया सेमवाल ने ‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’ विषय पर विचार रखे।

छात्रा तमन्ना ने पलायन और खेती से होने वाली कम आय का मुद्दा उठाते हुए ‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार’ की परिकल्पना रखी। मुख्यमंत्री ने उनके विचार की सराहना करते हुए कहा कि परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन संकल्प मजबूत होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया।

छात्रा सृष्टि ने सरकारी विद्यालयों और अस्पतालों में लोगों के भरोसे से जुड़े सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए युवाओं को सजग रहना होगा। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि साधारण परिवारों से निकलकर भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

रुद्रप्रयाग की अनुष्का ने पलायन रोकने के उपायों पर सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन होने के बावजूद गांव-गांव तक बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 500 से अधिक स्मार्ट कक्षाएं संचालित हो रही हैं और रिवर्स पलायन भी हो रहा है।

इशिका नेगी और गौरव बिष्ट ने पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण तथा चारधाम यात्रा से जुड़े सुझाव दिए। छात्र मुकेश कुशवाहा ने गांवों तक हेलीकॉप्टर एंबुलेंस जैसी स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने और विद्यालय स्तर पर कौशल विकास प्रशिक्षण देने का सुझाव रखा। मुख्यमंत्री ने इसे उपयोगी सुझाव बताते हुए कहा कि सरकार युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 का भारत युवाओं के सपनों, संकल्प और मेहनत से बनेगा। विकसित भारत तभी संभव है, जब हर गांव, जिला और राज्य विकास की यात्रा में आगे बढ़े। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा योजना जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नकल माफिया के खिलाफ सरकार ने सख्त कानून बनाए हैं।

कार्यक्रम के दौरान अदिति गौतम ने मुख्यमंत्री को अपनी बनाई चित्रकृति भेंट की। बेहतर सहभागिता के लिए जिला शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट को सम्मानित किया गया। रुद्रप्रयाग में निबंध लेखन में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत भागीदारी के लिए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल समेत विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी और शिक्षक मौजूद रहे।