September 15, 2026 1:46 pm

हिमालय भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का आधार : धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हिमालय केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार है। हिमालयी लोक परंपराओं और विरासत का संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

हिंदी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिविर कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में हिमालयी संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन को समर्पित पत्रिका हिमालयन संस्कृति के प्रवेशांक का विमोचन किया। उन्होंने पत्रिका के माध्यम से हिमालयी राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक आस्थाओं, रीति-रिवाजों, लोक कला, लोक साहित्य, इतिहास, विरासत और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विविध पक्षों को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयास की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रिका युवा पीढ़ी को हिमालय की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह हिमालयी समाज की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का संदर्भ-स्रोत बनने के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता को भी नई दिशा देने में सहायक होगी।

पत्रिका के संपादक रजनीश कौंसवाल ने बताया कि विशेषांक में हिमालयी संस्कृति के विभिन्न पक्षों, लोक स्मृतियों, परंपरागत ज्ञान, लोक कलाओं, सामाजिक सरोकारों और पर्यावरणीय चेतना को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है।

इस अवसर पर रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, विनोद खंडूरी, बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष प्रसाद सती, सदस्य राजपाल जड़धारी, विपिन, वरिष्ठ पत्रकार हरीश कोठारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति और संस्कृति प्रेमी मौजूद रहे। सभी ने संपादक रजनीश कौंसवाल को पत्रिका के प्रकाशन की शुभकामनाएं दीं।