September 19, 2026 7:20 pm

युवाओं को राज्य में ही मिलेंगे शिक्षा और रोजगार के अवसर, पलायन रोकने पर सरकार का जोर- CM धामी

काशीपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां युवाओं को शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए अपना घर और पहाड़ छोड़ने की मजबूरी न हो। सरकार राज्य में ही रोजगार और शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ आधुनिक सुविधाओं और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।

काशीपुर के एक निजी होटल में आयोजित युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 17 विद्यालयों के 1400 से अधिक विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिए और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की।

युवा आयोग और अग्निवीर प्रकोष्ठ से भविष्य सुरक्षित करने पर जोर

विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा आयोग युवाओं की पढ़ाई पूरी होने के बाद रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें सरकारी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में काम करेगा। अग्निवीरों के भविष्य को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह सजग है और इसके लिए अग्निवीर प्रकोष्ठ का गठन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा, नई सोच और कुछ कर गुजरने का जज्बा है। सरकार उन्हें बेहतर अवसर, संसाधन और मंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।

देहरादून में बनेगी देश की पांचवीं साइंस सिटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को विज्ञान और नई तकनीक से जोड़ने के लिए देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी विकसित की जा रही है। प्रदेश में विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयोगशालाओं और बाल विज्ञान कार्यक्रमों का भी विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर विद्यार्थी ज्ञान, कौशल और तकनीक से सशक्त होकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो।

रोजगार पाने के साथ देने का भी लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने युवाओं से नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने वाला बनने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य में स्टार्टअप, नवाचार और आधुनिक कौशल को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं को बदलती जरूरतों के अनुसार रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।

उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भी विश्वस्तरीय खेल नीतियों और खेल परिसरों के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।

शिक्षा व्यवस्था में तकनीक पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वर्चुअल कक्षा नेटवर्क का विस्तार कर रही है। प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं और सरकारी विद्यालयों में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद आधारित पाठ्यक्रम लागू किया गया है। छात्राओं को नंदा गौरा योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों को उनके उत्पादों का स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें फसलों का उचित मूल्य मिल सके।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अवसर के रूप में अपनाने की सलाह

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीक से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता चुनौती के साथ एक बड़ा अवसर भी है। युवाओं को बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के नए शोधों ने कई कठिन कार्यों को आसान बनाया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति

भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि कोई व्यक्ति काम के बदले रिश्वत मांगता है या अनुचित दबाव बनाता है तो टोल-फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और शिकायतों की जांच की जाती है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के साथ पूरे परिवार के सपनों को प्रभावित करता है। युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने साथियों को भी इसके खिलाफ जागरूक करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विकास यात्रा के युवा वास्तविक कर्णधार हैं। उनकी सोच, मेहनत और प्रतिभा राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से खूब मेहनत करने, पढ़ाई पर ध्यान देने और खुद पर विश्वास रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, महापौर दीपक बाली, दायित्वधारी उत्तम दत्ता, फरजाना बेगम, मनजीत सिंह राजू, सुरेंद्र सिंह नामधारी, मुकेश कुमार, जिलाध्यक्ष मनोजपाल, खिलेंद्र चौधरी, मोहनपाल, गुरविंदर सिंह चंडोक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।