रुद्रपुर। किच्छा नगर पालिका चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम के बाहर विधायक तिलक राज बेहड़ के साथ कथित थप्पड़ की घटना ने उत्तराखंड की सियासत को गरमा दिया है। 22 सितंबर को मतदान के बाद मतपेटियों की सुरक्षा और स्ट्रांग रूम के बाहर पर्दा लगाने को लेकर विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थकों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान धक्का-मुक्की में विधायक को थप्पड़ मारे जाने का आरोप सामने आया। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
घटना के बाद कांग्रेस ने इसे कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस की ओर से मामले को आगामी विधानसभा सत्र में उठाने की बात कही गई है। पार्टी इसे विधायक के विशेषाधिकार और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे के तौर पर उठाने की तैयारी में है।
भाजपा ने घटना की निंदा की
मामले के तूल पकड़ने के बाद भाजपा संगठन की ओर से घटना की निंदा किए जाने की बात सामने आई है। भाजपा नेताओं ने इसे कार्यकर्ताओं के बीच हुआ विवाद बताया है और मामले की जांच की बात कही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद घटना में शामिल लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है।
पुराना राजनीतिक मुकाबला फिर चर्चा में
किच्छा विधानसभा क्षेत्र में तिलक राज बेहड़ और राजेश शुक्ला के बीच लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है। स्ट्रांग रूम के बाहर हुई घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं। कांग्रेस इस घटना को लेकर लगातार मुखर है, जबकि भाजपा की ओर से जांच के आधार पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
मतगणना पर हाईकोर्ट की रोक
किच्छा नगर पालिका चुनाव में मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन मतगणना पर हाईकोर्ट के आदेश से फिलहाल रोक लगी हुई है। अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होनी है। ऐसे में मतगणना से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया और स्ट्रांग रूम विवाद, दोनों पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
घटना को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मामले में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही तस्वीर और स्पष्ट होगी।