देहरादून। मौसम विभाग के रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर प्रदेश में बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहें।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में बारिश की स्थिति, नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों के साथ बिजली, पेयजल और संचार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारियों को बारिश और अतिवृष्टि से हुई क्षति का विस्तृत आकलन कर शीघ्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा जल्द उपलब्ध कराने को भी कहा।
उन्होंने संवेदनशील और भूस्खलन संभावित मार्गों पर पर्याप्त मशीनरी और तकनीकी दल पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए। कहा कि मार्ग बंद होने की स्थिति में जेसीबी, पोकलैंड और अन्य आवश्यक मशीनों की मदद से यातायात जल्द बहाल किया जाए। साथ ही बिजली, पेयजल और संचार सेवाओं की बहाली को प्राथमिकता देने तथा दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयों, ईंधन और अन्य जरूरी वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को सभी जिलों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने को कहा।
मौसम और मार्ग की स्थिति देखकर हो चारधाम यात्रा
मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा का संचालन मौसम और मार्ग की वास्तविक स्थिति को देखते हुए किया जाए। अत्यधिक बारिश या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही यात्रियों को आगे भेजा जाए।
उन्होंने नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखने और नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक करने के निर्देश दिए। बांध या बैराज से पानी छोड़े जाने की स्थिति में निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते सूचना देकर सतर्क करने को कहा।
गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष निगरानी
मुख्य सचिव ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों या चिकित्सा सुविधाओं वाले स्थानों पर पहुंचाने और जरूरत के अनुसार हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने को कहा।
डेंगू रोकथाम के लिए तेज होगा अभियान
मुख्य सचिव ने डेंगू की रोकथाम के लिए नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर पानी की निकासी, नियमित धुंध छिड़काव, लार्वा रोधी दवा का छिड़काव और विशेष स्वच्छता अभियान चलाने को कहा।
उन्होंने जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू जांच किट, पर्याप्त दवाइयां, रक्त, बिस्तर और चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।