September 29, 2026 7:21 pm

बदरीनाथ में सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर रोक की बात निराधार, शंख को लेकर मंत्री के बयान पर पुरोहित महापंचायत ने जताई आपत्ति

देहरादून। बदरीनाथ धाम परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाए जाने की चर्चाओं को संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि धाम में संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है। वहीं, चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने शंख को लेकर मंत्री के बयान पर आपत्ति जताते हुए इसकी निंदा की है।

सतपाल महाराज ने कहा कि बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर भारतीय सेना का बैंड धार्मिक धुनें और मंगल संगीत प्रस्तुत करता है। यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि उर्वशी पीठ भी है और यहां संगीत के माध्यम से ईश्वर की आराधना एवं स्तुति की परंपरा रही है। माणा गांव में विवाह समारोहों के दौरान भी पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं।

मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भी बदरीनाथ धाम में विभिन्न अवसरों पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। इसलिए धाम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर रोक होने की बात तथ्यहीन है। उन्होंने प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की। साथ ही कहा कि सरकार चारधामों की पवित्रता, परंपरा और मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने यह भी कहा कि बदरीनाथ मंदिर के अंदर शंख बजाने की परंपरा नहीं है। उन्होंने इसके पीछे शंख के हड्डी से बने होने का कारण बताया। हालांकि, मंदिर परिसर के बाहर शंख बजाने पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं होने की बात कही।

शंख को लेकर बयान पर पुरोहित महापंचायत ने जताई आपत्ति

चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने शंख को लेकर दिए गए मंत्री के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि शंख घरों के साथ-साथ मंदिरों और तीर्थस्थलों में भी बजाया जाता है। उन्होंने मंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि शंख को लेकर यह जानकारी उन्हें किस आधार पर मिली, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।

डॉ. सती ने कहा कि धार्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक बयान देते समय तथ्यों और मान्यताओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने मंत्री के बयान को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।