October 13, 2026 6:49 pm

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस का गांधी पार्क में मौन सत्याग्रह, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर उठाए सवाल

देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच और आरोपों का सामना कर रहे भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को गांधी पार्क में मौन उपवास एवं सत्याग्रह किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कांग्रेस ने हत्याकांड से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच में तेजी लाने और मामले की पूरी सच्चाई जनता के सामने लाने की मांग की।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक बेटी की हत्या का मामला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता, महिलाओं के सम्मान और कानून व्यवस्था से जुड़ा संवेदनशील विषय है। उन्होंने कहा कि इतने समय बाद भी कथित वीवीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने सीबीआई जांच की घोषणा की, लेकिन मामले में जांच आगे बढ़ती दिखाई नहीं दे रही है।

गोदियाल ने दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस निर्णय से प्रदेश की जनता के मन में संदेह पैदा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रभावशाली लोगों से जुड़े सवालों का जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि आरोपों की सत्यता का निर्धारण निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही होना चाहिए। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार एक ओर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, वहीं दूसरी ओर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग उठ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि हत्याकांड से जुड़े सभी आरोपों, तथ्यों और परिस्थितियों की पारदर्शी जांच कराई जाए। यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि गांधी पार्क में आयोजित मौन उपवास केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने और महिलाओं के सम्मान की रक्षा का संकल्प है। कांग्रेस गांधीवादी विचारधारा के अनुरूप शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी। गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय मिलने और हत्याकांड से जुड़े सवालों के संतोषजनक जवाब सामने आने तक कांग्रेस सड़क से सदन तक आवाज उठाती रहेगी।

ये कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद

मौन सत्याग्रह में प्रदेश महामंत्री संगठन राजेन्द्र भंडारी, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, लालचन्द शर्मा, पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा, महामंत्री अश्विनी बहुगुणा, राजेन्द्र शाह, सुरेन्द्र रांगड़, कोषाध्यक्ष गोदावरी थापली, सुजाता पॉल, जयेन्द्र रमोला, नवीन जोशी, याकूब सिद्धिकी, नीरज त्यागी, सोशल मीडिया चेयरमैन अभिनव थापर, प्रदेश सचिव अमेन्द्र बिष्ट, यशपाल चौहान, ओम प्रकाश सती, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, गरिमा दसौनी, सोनिया आनन्द, शीशपाल बिष्ट, महानगर अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी, जिलाध्यक्ष संजय किशोर, सोमेन्द्र बोरा, संजय कनौजिया, कुंवर सजवाण, कोमल बोरा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता, डॉ. प्रदीप जोशी, उर्मिला थापा, भगवती प्रसाद सेमवाल, सोहन लाल रतूड़ी, सुनित राठौर, मनवर सिंह, राजीव कुमार, महेंद्र सिंह नेगी, अनुसूचित जाति अध्यक्ष मदन लाल, स्वाति नेगी, सत्येन्द्र पंवार, प्रीतम सिंह आर्य, विनोद कुमार, अजय रावत, राजीव केशववाल, आनन्द बहुगुणा, आशा शर्मा, प्रणीता बडोनी, अखिलेश उनियाल, शईद हसन, युद्धवीर पंवार, विरेन्द्र पंवार, सचिन गुप्ता, प्रदीप थपलियाल, उपेन्द्र थापली, ललित भद्री, प्रशांत खंडूरी, रितेश जोशी, रितेश क्षेत्री, अशोक शर्मा, बलवीर पंवार, श्याम लाल आर्य, गुल मोहम्मद, लाखीराम बिजलवाण, टीटू शर्मा, विजयप्रताप मल्ल, सुशील डोभाल, सुलेमान अली, अमरदेव गोनियाल, अनूप कपूर, नरेशानन्द नौटियाल, सूरज क्षेत्री, करतार नेगी, सचिन टिचकुले, शोभाराम, आदर्श सूद, मदन कोहली और अनूप सक्सेना सहित शरीफ बेग व अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।