देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। रेखा आर्या की ओर से गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद अब गिरधारी लाल साहू ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने मंत्री की ओर से सामने लाई गई ऑडियो रिकॉर्डिंग को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से तैयार किया गया बताते हुए खुद पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ऑडियो को बताया कृत्रिम, आरोपों को किया खारिज
गिरधारी लाल साहू ने दावा किया कि सामने लाई गई ऑडियो रिकॉर्डिंग कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से तैयार की गई है और इसके जरिए उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने रेखा आर्या से अपने आरोप वापस लेने की अपील की। साहू का कहना है कि उन्हें भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने रेखा आर्या के साथ अपने पुराने संबंधों और उनके राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने चुनाव के दौरान उनके लिए समर्थन जुटाया और राजनीतिक जीवन में सहयोग किया। साहू ने कहा कि वर्षों तक साथ देने के बावजूद अब उन पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर जांच की मांग
साहू ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रेखा आर्या से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कराने की मांग की है। उनका दावा है कि उन्होंने पहले भी मुख्यमंत्री के सामने इन मामलों को उठाया था और कार्रवाई का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि किसी भी जांच एजेंसी से जांच कराई जा सकती है, ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।
210 करोड़ रुपये की संपत्ति होने का दावा
गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या की कथित संपत्ति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मंत्री के पास करीब 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है और इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के कामकाज, बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार और राशन से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
हालांकि, 210 करोड़ रुपये की कथित संपत्ति और भ्रष्टाचार से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन्हें फिलहाल साहू के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
रेखा आर्या की शिकायत के बाद बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि रेखा आर्या ने 15 अक्टूबर 2026 को देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मंत्री ने पति पर मारपीट, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न, जालसाजी, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल और जान से मारने की धमकी देने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी।
अब साहू की ओर से आरोपों को खारिज करने और मंत्री की संपत्ति की जांच की मांग किए जाने के बाद मामला और तूल पकड़ गया है। दोनों पक्षों के दावों के बीच पुलिस जांच और ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता इस प्रकरण में महत्वपूर्ण होगी।