October 29, 2026 7:13 pm

जेनी प्रकरण पर CM के बयान से भड़के हरक सिंह रावत, कहा —मुंह खोला तो कोश्यारी को जवाब देना मुश्किल होगा

देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले 23 साल पुराना जेनी प्रकरण एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से इस मामले का जिक्र किए जाने के बाद कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने वीडियो जारी कर प्रतिक्रिया दी है। हरक सिंह ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उन्होंने अपना मुंह खोल दिया तो पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला उस समय का है, जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार थी।

हरक बोले—षड्यंत्र के तहत लगाए गए थे आरोप

हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि जेनी प्रकरण में उन्हें षड्यंत्र के तहत फंसाया गया था। उस समय उन पर लगे आरोपों के बीच उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देना उचित समझा, ताकि मामले की सीबीआई जांच में कोई बाधा न आए। उनके मुताबिक, उन्होंने खुद इस प्रकरण की सीबीआई जांच कराने और डीएनए जांच की मांग की थी।

हरक सिंह ने कहा कि उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक पूरे मामले में सच्चाई सामने नहीं आ जाती, तब तक वह विधानसभा में कदम नहीं रखेंगे। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई जांच में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी। उन्होंने यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर जारी वीडियो के माध्यम से दी। हरक सिंह रावत वर्तमान में उत्तराखंड कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं।

धामी ने अंकिता भंडारी प्रकरण के संदर्भ में किया था जिक्र

दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस की ओर से अंकिता भंडारी प्रकरण को बार-बार मुद्दा बनाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि इस मामले में सरकार ने सख्त कार्रवाई की और अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि पार्टी के नेता अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए विवादित मुद्दे उठाते हैं। इसी दौरान उन्होंने सवाल किया था कि तंदूर कांड किसके कार्यकाल में हुआ था और जेनी कांड किसके कार्यकाल में हुआ था।

मुख्यमंत्री के इसी बयान के बाद हरक सिंह रावत ने वीडियो जारी कर अपनी बात रखी और पुराने प्रकरण को लेकर अपना पक्ष सामने रखा।