October 31, 2026 7:25 pm

सीएम धामी ने किया उत्तराखंड पुलिस के नए गौरव चिह्नों का अनावरण, 6 नवंबर को मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस कलर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में उत्तराखंड पुलिस के नए ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट और सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। साथ ही उत्तराखंड पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत हुईं शाहजहां जावेद खान और जगदीश चंद्र को प्रतीक चिह्न अलंकृत कर शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों और जवानों को नए गौरव चिह्नों की बधाई देते हुए कहा कि पुलिस की पहचान को नया स्वरूप देना केवल प्रतीकों और वर्दी में बदलाव नहीं है, बल्कि यह पुलिस बल की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को और मजबूत करने की पहल है। नए प्रतीक पुलिसकर्मियों को गौरव के साथ जिम्मेदारी का भी एहसास कराते हैं। उन्होंने कहा कि इस नई पहचान का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करने के लिए लगातार काम हो रहा है। उत्तराखंड पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस, प्रशिक्षित और सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। पुलिस का नया ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है। प्रत्येक अधिकारी और जवान को इन आदर्शों को अपने आचरण और कार्यशैली में अपनाना होगा। वर्दी का सम्मान आचरण से और जनता का विश्वास सेवा से मजबूत होता है।

भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई के लिए 1064 की समीक्षा के निर्देश

सतर्कता जागरूकता सप्ताह के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के साथ शासन व्यवस्था में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी है। विकास का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो और आमजन को बिना परेशानी सरकारी सेवाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है और इसमें सतर्कता विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई के साथ उन खामियों को दूर करना भी जरूरी है, जिनसे भ्रष्टाचार की संभावनाएं पैदा होती हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और शिकायतें हेल्पलाइन नंबर 1064 पर दर्ज कराने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की तरह भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए संचालित हेल्पलाइन 1064 की भी नियमित समीक्षा की जाए। शिकायत दर्ज कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालय पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनने तथा उसके कार्य का समयबद्ध निस्तारण करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मान मिले, जनसेवाओं में लापरवाही न हो और जनता तथा शासन-प्रशासन के बीच विश्वास मजबूत हो।

6 नवंबर को उत्तराखंड पुलिस को मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस कलर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से अलंकृत करेंगे। इस अवसर पर पुलिस के जवान नई सेरेमोनियल वर्दी में परेड में हिस्सा लेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड पुलिस अपनी नई पहचान के साथ जनसेवा, अनुशासन, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी।

अशोक स्तंभ, हिमालय और नदी को नए प्रतीक चिह्न में मिली जगह

उत्तराखंड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय और नदी को शामिल किया गया है। ये राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखंड की भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं। पहले इस्तेमाल किए जा रहे तीन रंगों वाले क्षैतिज पुलिस ध्वज के स्थान पर अब गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नया ध्वज अपनाया गया है। इसके मध्य में नया पुलिस प्रतीक चिह्न और किनारों पर लाल एवं स्वर्णिम रंग शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी पर लगने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नए प्रतीक चिह्न के अनुरूप बनाया गया है। पारंपरिक खाकी वर्दी में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण और परेड से जुड़ी विशेष साज-सज्जा को शामिल कर इसे नया स्वरूप दिया गया है।

उत्तराखंड पुलिस के ध्वज का पहली बार अनावरण 4 अप्रैल 2008 को हुआ था। बदलती चुनौतियों और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों को देखते हुए नए गौरव चिह्न और प्रतीक तैयार किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने 21 अक्टूबर 2026 को इनके नए स्वरूप को मंजूरी दी थी।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पी.वी.के. प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव दिलीप जावलकर, आर. राजेश कुमार, पंकज पांडेय और पुलिस महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल सहित शासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।