February 10, 2026 5:11 pm

कुंभ के कार्यों की डेडलाइन तय, मुख्यमंत्री धामी ने की मेले की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक

देहरादून: उत्तराखंड में आगामी साल 2027 में होने वाले कुंभ मेला की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही है. ऐसे में कुंभ मेले की तैयारियां समय पर पूरी हो इसको लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की.

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ मेले से संबंधित सभी तैयारियां 31 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाए. साथ ही कुंभ की आवश्यकताओं को देखते हुए सभी प्रकार के निर्माण काम भी तय समय के अंदर पूरे हों. यही नहीं निर्माण से संबंधित कामों की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए.

कुंभ से संबंधित कोई भी कार्य या फाइल लंबित न रहे: सीएम ने कहा कि शासन स्तर पर कुंभ से संबंधित कोई भी कार्य या फाइल लंबित न रहे. किसी भी काम को लंबित रखने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी. साथ ही सीएम ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि कुंभ मेले का भव्य दिव्य और सफल आयोजन हो.

सीएम ने सचिव पीडब्ल्यूडी को अगले 24 घंटे के भीतर कुंभ मेले के लिए टेक्निकल पद के अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र में बने सभी पुलों का ऑडिट किया जाए. साथ ही कुंभ क्षेत्र में स्थित सभी घाटो का सौंदर्यकरण और आवश्यकता के अनुसार पुनर्निर्माण कार्य भी किया जाए.

सभी घाटों में भी स्नान की व्यवस्था की जाए: सीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए हर की पैड़ी के साथ ही अन्य सभी घाटों में भी स्नान की व्यवस्था की जाए. मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए. सभी प्रमुख स्थानों पर शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था हो। पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बलों, जल पुलिस की तैनाती हो. साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन, सीसीटीवी एवं अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग भी हो.

अखाड़ों को भूमि आवंटन तय समय पर किया जाए: उन्होंने कहा मेले के दौरान कानून व्यवस्था, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन की विस्तृत कार्य योजना अलग से बनाई जाए. कुंभ मेला क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों को भूमि आवंटन तय समय पर किया जाए. इसकी मेलाधिकारी खुश मॉनिटरिंग करें. साथ ही सभी अखाड़ों, मठों ,संत समाज, संस्थाओं, समितियां और स्थानीय लोगों से परस्पर्म समन्वय किया जाए. साथ ही उनके सुझावों के अनुसार मेले की तैयारी हो.

अतिक्रमण की खिलाफ अभियान चलाया जाए: मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ के दौरान लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए कुंभ क्षेत्र में व्यापक स्तर पर अतिक्रमण की खिलाफ अभियान चलाया जाए. वन संबंधित मामलों पर जल्द अनुमति ली जाए.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अन्य प्रदेशों से भी परस्पर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिया. उन्होंने कहा मेले से संबंधित सभी विकास के काम कागजों के साथ धरातल में भी दिखाई देने चाहिए. मुख्यमंत्री ने आवास एवं टेंट सिटी की तैयारी समय से पूरी करने एवं मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए.

सीएम ने कहा कि कुंभ मेला हमारी संस्कृति, आस्था और करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा धार्मिक आयोजन है. इस आयोजन को सफल बनाना हम सभी का कर्तव्य है, जो भी श्रद्धालु राज्य में आए वह अच्छा अनुभव यहां से लेकर जाएं.

वही, बैठक के बाद सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पांडेय ने कहा कि कुंभ मेले की तैयारी को लेकर 6-7 महीना पहले से ही बैठकों का दौर शुरू हो गया था. इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज बैठक की गई है. बैठक के दौरान मेला अधिकारी की ओर से किए जा रहे कामों का प्रजेंटेशन दिया गया. बैठक के दौरान सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जो भी कुंभ के काम चल रहे हैं उसमें गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए.

इसके अलावा कुंभ मेले के इंस्पेक्शन के लिए तीन संस्थानों को थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के लिए नामित किया गया है, जिसमें आईआईटी रुड़की भी शामिल है. इसके साथ ही मेला क्षेत्र में आने वाले पुल के सिक्योरिटी ऑडिट के भी निर्देश सीएम ने दिए हैं. ताकि समय रहते पुल में अगर कोई काम किए जाने हैं तो वो करा लिए जाए. साथ ही कुंभ मेला से संबंधित सभी कामों को 31 अक्टूबर से पहले पूरा करने के निर्देश दिए हैं.

इसके अलावा कुंभ मेला क्षेत्र में ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात सीएम धामी ने कही है. अगली बैठक के दौरान कुंभ मेला क्षेत्र में ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर बैठक की जाएगी.