February 24, 2026 8:04 pm

उत्तराखंड में 45 हजार कर्मचारियों के तबादले पर ब्रेक, जनगणना और SIR बनी वजह

देहरादून। नए वित्तीय वर्ष के साथ शुरू होने वाले तबादला सीजन के बीच उत्तराखंड में करीब 45 हजार कर्मचारियों के तबादले फिलहाल टाल दिए गए हैं। इसके पीछे जनगणना और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आगामी प्रक्रिया मुख्य कारण बताई जा रही है।

गृह मंत्रालय का अनुरोध

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना और SIR में लगनी है, उनका इस दौरान तबादला न किया जाए। राज्य में अप्रैल से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इससे पहले प्री-SIR की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जिसमें करीब 12 हजार बीएलओ (BLO) ने भूमिका निभाई।

11,733 पोलिंग बूथों पर तैनात हैं BLO

प्रदेश में कुल 11,733 पोलिंग बूथ हैं, जहां बीएलओ तैनात हैं। इनमें शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां भी शामिल हैं। SIR की प्रक्रिया लगभग एक माह तक चल सकती है, जिसके लिए 12 हजार से अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। यदि इस दौरान तबादले किए जाते हैं, तो नए कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने और प्रक्रिया समझाने में कठिनाई आ सकती है।

जनगणना भी बनी बड़ी वजह

इसके अलावा जनगणना के पहले चरण में संभावित 25 अप्रैल से 24 मई तक मकान सूचीकरण और गणना का कार्य प्रस्तावित है। इसके लिए लगभग 34 हजार से अधिक कर्मचारियों की जरूरत होगी। साथ ही, राज्य के स्नोबाउंड क्षेत्रों में सितंबर माह में भी विशेष गणना की जानी है, जिसके लिए अलग से कार्मिकों की आवश्यकता होगी।

स्टेट लेवल कमेटी की बैठक में हुआ निर्णय

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित स्टेट लेवल एंपावर्ड कमेटी की बैठक में जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने गृह मंत्रालय का अनुरोध प्रस्तुत किया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि जनगणना और SIR प्रक्रिया में लगाए जाने वाले कर्मचारियों के तबादले अप्रैल माह में नहीं किए जाएंगे। इस निर्णय से प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने और चुनावी व जनगणना प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने में मदद मिलेगी।