February 24, 2026 8:13 pm

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में बैठक, पलायन रोकथाम व सीमांत क्षेत्रों में रोजगार योजनाओं में तेजी के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (MPRY) तथा मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (MBADP) की अनुवीक्षण समिति की बैठक मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पलायन प्रभावित और सीमांत क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।

योजनाओं के क्रियान्वयन में गैप न रहे

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि योजनाओं के कार्यान्वयन में किसी भी स्तर पर गैप न रहे। जनपदों से प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन की प्रक्रिया को तेज करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण किए जाएं।
उन्होंने पूर्व में स्वीकृत योजनाओं की समीक्षा कर धरातली परिणाम (आउटकम) सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

टारगेटेड अप्रोच और संसाधन आधारित हस्तक्षेप पर जोर

मुख्य सचिव ने योजनाओं में टारगेटेड अप्रोच अपनाने और प्रभावी इंटरवेंशन लागू करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में MPRY और MBADP संचालित हैं, वे स्वरोजगार और आजीविका के क्षेत्र में अन्य सीमांत गांवों के लिए मॉडल बनें।
साथ ही सीमांत गांवों में उपलब्ध संसाधनों और कमियों का वैज्ञानिक अध्ययन कर उसी अनुरूप योजनाओं को लागू करने के निर्देश दिए।

वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना

बैठक में पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी ने बताया कि योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है, लेकिन और बेहतर क्रियान्वयन की आवश्यकता है।

  • MPRY के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 12 जनपदों में 90 योजनाएं प्रस्तावित हैं।
  • MBADP के तहत 5 सीमांत जनपदों के चिन्हित विकासखंडों में 155 योजनाएं प्रस्तावित हैं।

मुख्य सचिव ने दोनों योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए।

474 गांवों में संचालित MPRY

MPRY योजना राज्य के 50% तक पलायन प्रभावित 474 गांवों में आवासीय परिवारों, बेरोजगार युवाओं और रिवर्स माइग्रेंट्स को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।
वहीं MBADP के माध्यम से सीमांत विकासखंडों में सतत आजीविका और स्वरोजगार के संसाधन विकसित कर पलायन रोकने और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे व डी.एस. गब्रियाल, विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती, अपर सचिव अनुराधा पाल, झरना कमठान, वन विभाग के हॉफ रंजन कुमार मिश्र सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।