देहरादून: पुराने टिहरी शहर को अपने आगोश में समेटे टिहरी झील की सैर, गंगा की तीव्र लहरों पर नौकायन साहसिक खेल (राफ्टिंग), रहस्यमयी खैट पर्वत की पदयात्रा, देवप्रयाग में स्थित पौराणिक रघुनाथ मंदिर के दर्शन और संगम तट पर योगाभ्यास—इन सभी गतिविधियों का आनंद एक ही आयोजन में लेने का अवसर टिहरी झील महोत्सव में मिलेगा।
टिहरी जिला प्रशासन और उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “हिमालयन ओ₂ – टिहरी झील महोत्सव” का शुभारंभ 6 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।
चार दिवसीय इस महोत्सव का उद्देश्य टिहरी जिले को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है। जिलाधिकारी नीतिका खंडेलवाल ने बताया कि आयोजन के दौरान जिले के विभिन्न स्थानों पर साहसिक, सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
साहसिक गतिविधियों की श्रृंखला
महोत्सव के दौरान पदयात्रा, पर्वतीय साइकिल दौड़, चट्टान आरोहण, नौकायन साहसिक खेल जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, पाक कला प्रतियोगिता, लोक संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु परिधान प्रदर्शन तथा छायाचित्र प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
एक लाख रुपये तक जीतने का अवसर
विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे—
- प्रथम स्थान: एक लाख रुपये तक
- द्वितीय स्थान: पचास हजार रुपये
- तृतीय स्थान: पच्चीस हजार रुपये
- इसके अतिरिक्त पाँच-पाँच हजार रुपये के दस सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
सांस्कृतिक संध्या रहेंगी आकर्षण का केंद्र
6 मार्च को कोटी कॉलोनी में उद्घाटन समारोह के साथ भोजन महोत्सव, मिस्टर एंड मिस टिहरी प्रतियोगिता तथा वीर भड़ माधो सिंह भंडारी की जीवनगाथा पर आधारित नाट्य प्रस्तुति आयोजित होगी।
6 मार्च को पांडवाज बैंड तथा 7 मार्च को प्रसिद्ध गायक अमित त्रिवेदी अपनी प्रस्तुति देंगे।
आध्यात्म और रोमांच का अनूठा संगम
प्रतिभागियों को देवप्रयाग स्थित रघुनाथ मंदिर के दर्शन, संगम तट पर गंगा आरती और योगाभ्यास का अवसर भी मिलेगा। साथ ही ऐतिहासिक वेदशाला का भ्रमण कराया जाएगा।
टिहरी झील महोत्सव रोमांच, संस्कृति और आध्यात्म का संगम बनकर प्रदेश के पर्यटन को नई पहचान देने जा रहा है।