March 17, 2026 1:10 pm

चारधाम यात्रा के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों में फूड लाइसेंस लगाना होगा अनिवार्य, कुमाऊं की QRT गढ़वाल में करेगी निरीक्षण

देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू होने जा रही है। यात्रा को लेकर सभी संबंधित विभाग अपनी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। इस वर्ष पिछले साल की तुलना में अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में विभागों द्वारा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें बेहतर अनुभव मिल सके।

इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और यात्रा के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के लिए नई रणनीति तैयार की है।

दरअसल, चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। इस दौरान श्रद्धालु स्थानीय व्यंजनों और खाद्य पदार्थों का भी स्वाद लेते हैं। लेकिन कई बार यह देखा गया है कि यात्रा सीजन में कुछ खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और हाइजीन का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जाता, जिससे श्रद्धालुओं के बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया है।

यात्रा के दौरान बेहतर निगरानी और श्रद्धालुओं को सुरक्षित व स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया है। फिलहाल यह टीमें प्रदेश में नियमित रूप से खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं।

नई व्यवस्था के तहत कुमाऊं की क्विक रिस्पांस टीम को गढ़वाल मंडल में और गढ़वाल की टीम को कुमाऊं मंडल में निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा, ताकि जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सके।

इसके साथ ही विभाग ने सभी खाद्य प्रतिष्ठानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपना फूड लाइसेंस ऐसी जगह प्रदर्शित करें, जहां ग्राहक उसे आसानी से देख सकें।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि क्विक रिस्पांस टीम नियमित रूप से निरीक्षण करती रहेगी। चारधाम यात्रा को देखते हुए विशेष टीमें भी गठित की गई हैं। चूंकि यात्रा की शुरुआत ऋषिकेश और हरिद्वार से होती है, इसलिए इन क्षेत्रों में मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन के माध्यम से खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस का सहयोग भी लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। इसी के तहत निरीक्षण टीमों में बदलाव कर पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी।