March 25, 2026 1:07 pm

यूएसडीएमए में चली एआई की पाठशाला, आपदा सचिव ने कहा – आधुनिक तकनीक से आपदा प्रबंधन को मिलेगी नई दिशा

देहरादून: Uttarakhand State Disaster Management Authority (यूएसडीएमए) में मंगलवार को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना और अधिकारियों व कार्मिकों को एआई के प्रभावी व जिम्मेदार इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना था।

कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव Vinod Kumar Suman ने कहा कि वर्तमान समय तेजी से बदलती तकनीक का दौर है और एआई इस परिवर्तन का प्रमुख आधार बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि एआई को हमें अपने सहयोगी के रूप में अपनाना चाहिए, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर होकर उसे अपना ‘बॉस’ नहीं बनाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि एआई के माध्यम से आपदाओं की पूर्वानुमान क्षमता को मजबूत किया जा सकता है। मौसम आधारित अलर्ट, भूस्खलन और बाढ़ की संभावनाओं का पहले से आकलन करने में एआई मददगार साबित हो सकता है। रियल टाइम डाटा एनालिसिस से त्वरित निर्णय लेने में सहायता मिलती है, जिससे आपातकालीन प्रतिक्रिया अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनती है।

उन्होंने कहा कि एआई आधारित सिस्टम से जोखिम मानचित्रण (रिस्क मैपिंग), संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में भी सहायता मिलती है। सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन डाटा के विश्लेषण से प्रभावित क्षेत्रों का तेजी से आकलन किया जा सकता है, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जा सके।

इस अवसर पर Information Technology Development Agency के निदेशक Alok Kumar Pandey ने कहा कि एआई के उपयोग में जिम्मेदारी और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने डाटा के सत्यापन पर जोर देते हुए कहा कि बिना पुष्टि के किसी भी सूचना का उपयोग या प्रसार नहीं किया जाना चाहिए।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को एआई की मूल अवधारणा और उसके उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न प्लेटफॉर्म जैसे ChatGPT, Claude और Gemini के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों को यह भी समझाया गया कि एआई टूल्स की मदद से ऑडियो, वीडियो और इमेज तैयार करने, बड़े दस्तावेजों को संक्षिप्त करने तथा जटिल आंकड़ों का विश्लेषण करने जैसे कार्य आसानी से किए जा सकते हैं।

कार्यशाला में यह भी बताया गया कि एआई आधारित कम्युनिकेशन सिस्टम के माध्यम से आपदा के समय आम जनता तक सही और समय पर जानकारी पहुंचाई जा सकती है। इससे अफवाहों पर नियंत्रण और जनजागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिलती है।

इस दौरान प्रशिक्षण और सिमुलेशन के लिए एआई के उपयोग पर भी चर्चा की गई, जिससे विभिन्न आपदा परिदृश्यों का अभ्यास कराया जा सके और फील्ड स्तर पर तैयारियों को और मजबूत बनाया जा सके।

कार्यक्रम में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन महावीर सिंह चौहान, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी, शांतनु सरकार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।