देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में “एक भारत श्रेष्ठ भारत” अभियान के अंतर्गत उत्तर-पूर्वी राज्यों से आए युवाओं के साथ संवाद किया। तीन दिवसीय राज्य भ्रमण कार्यक्रम के तहत देहरादून से उत्तरकाशी जा रहे इन छात्रों ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर सवाल किए, जिनका मुख्यमंत्री ने विस्तार से उत्तर दिया।
संवाद के दौरान त्रिपुरा की एक छात्रा ने छात्रों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न पूछा। इसके उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में देश और विदेश से बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं और उनकी सुरक्षा व सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अरुणाचल प्रदेश के एक छात्र द्वारा उत्तराखंड और उत्तर-पूर्वी राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों क्षेत्रों की भौगोलिक और सांस्कृतिक परिस्थितियां काफी हद तक समान हैं, जिससे “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना और मजबूत होती है।
महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार ने लगभग 19 हजार करोड़ रुपये का जेंडर बजट भी निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर-पूर्वी राज्यों से आए सभी छात्र-छात्राओं का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि देश के “अष्टलक्ष्मी” कहे जाने वाले उत्तर-पूर्वी राज्यों और लद्दाख जैसे हिमालयी क्षेत्रों से आए युवाओं के बीच उपस्थित होकर उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि ये युवा अपने-अपने राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विशिष्ट पहचान के साथ देश की एकता को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की विभिन्न वेशभूषाएं, भाषाएं, परंपराएं और जीवनशैली “विविधता में एकता” की भावना को साकार करती हैं। उन्होंने उत्तर-पूर्व की प्राकृतिक सुंदरता का उल्लेख करते हुए अरुणाचल प्रदेश की पर्वत श्रृंखलाओं, असम के चाय बागानों, मणिपुर की लोकतक झील, मेघालय की पहाड़ियों, मिजोरम की घाटियों, नागालैंड की परंपराओं, सिक्किम की कंचनजंगा और त्रिपुरा की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर-पूर्वी राज्य प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध हैं और दोनों क्षेत्रों में पहाड़, नदियां, जंगल तथा जनजातीय संस्कृति का अद्भुत मेल देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पारंपरिक मेले-त्योहारों की तरह उत्तर-पूर्व में मनाए जाने वाले बिहू, शाद सुक माइनसिएम, चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल और नोंगक्रेम जैसे त्योहार सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर-पूर्वी राज्य तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। बीते वर्षों में वहां सड़क, रेल, हवाई संपर्क, व्यापार, पर्यटन और डिजिटल क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम हुआ है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण की शक्ति मानते हुए केंद्र सरकार द्वारा स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी योजनाओं के माध्यम से नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा और कौशल के बाद अपने क्षेत्रों में लौटकर विकास में योगदान दें और नवाचार के माध्यम से देश को आगे बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे उत्तर-पूर्व से आए छात्रों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें और “अतिथि देवो भवः” की भावना को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नॉर्थ ईस्ट के छात्रों की सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन, जागरूकता कार्यक्रम और एंटी-रेसिज्म कार्यशालाएं भी चला रही है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड में सभी छात्र पूरी तरह सुरक्षित हैं और यदि किसी को कोई समस्या हो तो वह संबंधित संस्थाओं या सरकार तक अपनी बात पहुंचा सकता है। कार्यक्रम के दौरान कर्नल अजय कोठियाल सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।