देहरादून: देहरादून जिले में पेंशन योजनाओं में फर्जी और अपात्र लाभार्थियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। समाज कल्याण एवं महिला कल्याण विभाग ने सभी पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने निर्देश दिए हैं कि 15 जून तक हर हाल में सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर मृत, अपात्र और फर्जी लाभार्थियों को पेंशन सूची से बाहर किया जाए।
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर शुरू किए जा रहे इस अभियान के तहत वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, तीलू रौतेली, बौना पेंशन तथा 0 से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों की पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा। अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड तैयार करना होगा।
शहरी क्षेत्रों में उप जिलाधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके अधीन पटवारी, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी घर-घर जाकर लाभार्थियों का सत्यापन करेंगे।
यदि किसी पेंशनर की मृत्यु हो चुकी है तो उसकी मृत्यु तिथि दर्ज की जाएगी, जबकि अपात्र पाए जाने पर कारण दर्ज करते हुए संबंधित व्यक्ति का नाम सूची से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
जनपद में वर्तमान में वृद्धावस्था पेंशन के 76,128, दिव्यांग पेंशन के 11,596, दिव्यांग बच्चों के 1,121, किसान पेंशन के 672, विधवा पेंशन के 32,011 और परित्यक्ता पेंशन के 8,140 लाभार्थी हैं। इतने बड़े स्तर पर समयबद्ध सत्यापन से विभाग को वास्तविक लाभार्थियों का अद्यतन डाटा प्राप्त होगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को 15 जून तक अपनी रिपोर्ट सहायक समाज कल्याण अधिकारी को सौंपनी होगी, जिसके आधार पर पेंशन सूची में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। 📰