April 11, 2026 12:57 pm

गैस आपूर्ति में सुधार, चारधाम यात्रा से पहले सरकार अलर्ट—सचिव खाद्य ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून: प्रदेश में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

बैठक में जानकारी दी गई कि 9 अप्रैल को घरेलू गैस सिलेंडरों के दैनिक लक्ष्य 60 हजार के मुकाबले 63,854 सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। वहीं, 8 अप्रैल की तुलना में कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति में भी 1,040 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसे आपूर्ति व्यवस्था में लगातार सुधार का संकेत माना जा रहा है।

सचिव खाद्य ने तेल कंपनियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में मांग के अनुसार घरेलू और कमर्शियल गैस की आपूर्ति और तेज की जाए। भारत पेट्रोलियम ने व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने का भरोसा दिया, जबकि इंडियन ऑयल को कम आपूर्ति वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सुधार करने को कहा गया।

ग्रामीण क्षेत्रों में गैस रिफिल बुकिंग के अंतराल की समस्या भी बैठक में उठी। इस पर सचिव ने कंपनियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को जल्द राहत देने के लिए इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाया जाए।

चारधाम यात्रा और प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए सरकार पूरी तरह सतर्क है। सचिव खाद्य ने स्पष्ट किया कि इस अवधि में गैस, पेट्रोल, डीजल सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हर हाल में निर्बाध रखी जाएगी।

सख्त कार्रवाई जारी:
एलपीजी और ईंधन से जुड़ी अनियमितताओं पर प्रदेश में सघन अभियान चलाया जा रहा है। 9 मार्च से 9 अप्रैल के बीच 6,690 निरीक्षण और 468 छापेमारी की गई। इस दौरान 19 एफआईआर दर्ज हुईं और 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही 1,123 घरेलू और 172 कमर्शियल सिलेंडर जब्त किए गए। करीब 1.77 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।

PNG विस्तार पर भी जोर:
राज्य में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और नैनीताल समेत कई जिलों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क विकसित हो रहा है। अप्रैल माह में करीब 9.9 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाई गई और 528 नए कनेक्शन जोड़े गए।

सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों तक स्वच्छ और सुरक्षित गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।