April 28, 2026 7:44 pm

बीकेटीसी में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से मचा बवाल, उपाध्यक्ष पर लगे गंभीर आरोप…

रुद्रप्रयाग। Badrinath-Kedarnath Temple Committee (बीकेटीसी) एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला समिति के उपाध्यक्ष Vijay Kaparwan से जुड़ा है, जिन पर पत्नी को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दर्शाकर वेतन लेने और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जरिए सामने आए दस्तावेजों के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

सामाजिक कार्यकर्ता विकेश नेगी द्वारा प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर आरोप है कि उपाध्यक्ष ने अपनी पत्नी के नाम पर समिति से करीब 12 हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान लिया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि देहरादून कार्यालय में कक्ष आवंटित होने के बावजूद रुद्रप्रयाग में निजी आवास और कार्यालय दर्शाकर लगभग 25 हजार रुपये प्रतिमाह भत्ते के रूप में प्राप्त किए गए, जिससे वित्तीय अनियमितताओं के सवाल उठने लगे हैं।

मामले के सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी संस्था में इस तरह के आरोपों ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बीकेटीसी अध्यक्ष Hemant Dwivedi ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं आरोपों को खारिज करते हुए उपाध्यक्ष विजय कपरवाण ने कहा कि उनकी पत्नी समिति की कर्मचारी नहीं हैं और न ही उन्हें कोई वेतन दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि तकनीकी कारणों से बिलिंग को लेकर भ्रम पैदा हुआ और पूरे मामले को उनकी छवि खराब करने की साजिश के रूप में पेश किया जा रहा है।

अब निगाहें जांच पर टिकी हैं कि यह मामला आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहता है या सच्चाई सामने आने के बाद कोई कार्रवाई होती है। इस विवाद ने धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है।