April 28, 2026 7:41 pm

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आयोजित सत्र मे CM धामी ने किया विपक्ष पर प्रहार! , कहा- भ्रम फैला रहा विपक्ष

देहरादून। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र ‘नारी सम्मान- लोकतंत्र में अधिकार’ को संबोधित करते हुए महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर राजनीति न करने की अपील की। उन्होंने सदन के समक्ष महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जल्द लागू करने के लिए सर्वसम्मत संकल्प का प्रस्ताव रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड की गौरवशाली महिला परंपरा का उल्लेख करते हुए Gaura Devi समेत अनेक महिलाओं को नमन किया और कहा कि नारी अब केवल सहभागिता नहीं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका निभा रही है।

सीएम धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को युगांतकारी कदम बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में महिलाओं को नीति निर्माण में भागीदारी देने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई है। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित भाव से काम कर रही है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और तीन तलाक कानून जैसे कदम महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में भी महिला सशक्तिकरण को लेकर कई ठोस कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण, सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण, स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

सीएम धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड ने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा में ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने का संकल्प भी एक दिन जरूर पूरा होगा। साथ ही विपक्ष से अपील की कि मातृशक्ति के सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सकारात्मक सहयोग दिया जाए।