May 6, 2026 11:37 am

सीएम धामी का विजन: उत्तराखण्ड बनेगा ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति का वैश्विक केंद्र

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड को भारतीय ज्ञान, विज्ञान और सांस्कृतिक विरासत का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में उन्होंने सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और विस्तार की योजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह संस्थान केवल शोध का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान और आधुनिक अध्ययन का संगम बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थान का कार्य शीघ्र शुरू कर कुंभ से पहले पूरा किया जाए। इस परियोजना में पर्यटन विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जबकि कार्यों की नियमित समीक्षा के लिए पाक्षिक बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ऋषियों, ज्ञान और वैज्ञानिक चिंतन की भूमि रही है। ऐसे में इस संस्थान के माध्यम से वैदिक गणित, वेदों में निहित विज्ञान, उपनिषदों का दर्शन, भारतीय तर्कशास्त्र और पर्यावरण विज्ञान जैसे विषयों पर आधुनिक शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और वराहमिहिर जैसे महान विद्वानों के योगदान को भी शिक्षा और अनुसंधान से जोड़ा जाएगा।

संस्थान में खगोल विज्ञान, धातु विज्ञान, कृषि विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विशेष अध्ययन केंद्र स्थापित करने की योजना है। इसके अलावा डिजिटल पांडुलिपि संरक्षण केंद्र, आधुनिक पुस्तकालय, शोध प्रयोगशालाएं और ई-लर्निंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह संस्थान शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण का केंद्र बनेगा। यहां भारतीय दर्शन, योग, आयुर्वेद, ज्योतिष और सांस्कृतिक परंपराओं को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य इस संस्थान को ऐसा बहुआयामी केंद्र बनाना है, जहां ज्ञान, अध्यात्म, विज्ञान और संस्कृति का समन्वय हो और जो देश-विदेश के शोधार्थियों और विद्यार्थियों को आकर्षित कर सके।