देहरादून। एटीएस कॉलोनी में कथित दबंगई और लगातार विवादों को लेकर जिला प्रशासन ने कुख्यात बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड गुंडा नियंत्रण अधिनियम-1970 के तहत कार्रवाई करते हुए बिल्डर पुनीत अग्रवाल को छह माह के लिए जनपद देहरादून से जिला बदर कर दिया है।
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आरोपी के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसका व्यवहार क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रहा था। आदेश के मुताबिक पुनीत अग्रवाल अगले छह माह तक बिना अनुमति देहरादून जिले की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
मामले की शुरुआत एटीएस कॉलोनी निवासी और डीआरडीओ वैज्ञानिक हेम शिखा समेत अन्य लोगों की शिकायत से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 13 अप्रैल 2026 को बिल्डर ने डीआरडीओ से जुड़े एक वैज्ञानिक और उनके परिवार के साथ मारपीट की। इस घटना में पीड़ित का कान का पर्दा फट गया था। महिलाओं और बुजुर्गों के साथ भी अभद्रता और धमकी देने के आरोप लगाए गए थे।
जिलाधिकारी न्यायालय ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए गोपनीय जांच कराई। जांच में स्थानीय लोगों ने आरोपी पर लगातार डर और दबाव का माहौल बनाने के आरोप लगाए। थाना रायपुर में दर्ज मुकदमे, वायरल वीडियो और स्थानीय निवासियों की शिकायतों को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया।
प्रशासन के अनुसार आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। इससे पहले भी दीपावली के दौरान नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने के मामले में जिला प्रशासन ने उसका शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर हथियार जब्त किया था।
आदेश में रायपुर थाना पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि आरोपी को 24 घंटे के भीतर जनपद से बाहर भेजा जाए। आदेश का उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने कहा कि जनमानस, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जिला प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई करता रहेगा।