August 2, 2026 12:26 pm

उत्तराखंड में एमबीबीएस के बाद 3 साल सरकारी सेवा अनिवार्य, फिर मिलेगी पीजी की अनुमति

देहरादून। उत्तराखंड सरकार प्रदेश में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए नई नीति लाने की तैयारी में है। प्रस्तावित नीति के तहत राजकीय मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों को पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) में प्रवेश लेने से पहले तीन वर्ष तक सरकारी सेवा देना अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है, जिसे जल्द कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वर्तमान में कई एमबीबीएस डॉक्टर नियुक्ति के कुछ समय बाद ही पीजी के लिए आवेदन कर देते हैं। इससे सरकारी अस्पतालों, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी बनी रहती है और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं।

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि नई नीति के अनुसार सरकारी सेवा में शामिल होने वाले एमबीबीएस डॉक्टरों को कम से कम तीन वर्ष तक सेवाएं देना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही उन्हें पीजी करने की अनुमति मिलेगी।

विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से राजकीय मेडिकल कॉलेजों से पास आउट डॉक्टरों की सेवाएं लंबे समय तक प्रदेश को मिल सकेंगी, जिससे दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा और मंजूरी मिलने के बाद नई व्यवस्था लागू की जाएगी।