देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुख्य आरोपी हाकम सिंह रावत के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हाकम सिंह की करीब 63.30 लाख रुपये की चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है।
ईडी के अनुसार जांच में सामने आया है कि हाकम सिंह ने आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों, परीक्षा से जुड़े अधिकारियों और बिचौलियों के साथ मिलकर पेपर लीक का संगठित नेटवर्क चलाया। आरोप है कि अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए और इसी अवैध कमाई से संपत्तियां खरीदी गईं।
जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क से करीब 95 लाख रुपये की अवैध कमाई हुई। बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा होने के साक्ष्य मिले, जबकि इस धन को वैध दिखाने के लिए आयकर रिटर्न में कृषि आय दर्शाई गई, जिसे जांच में फर्जी पाया गया।
ईडी ने जांच के दौरान 14 ठिकानों पर छापेमारी कर डिजिटल उपकरण, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी दस्तावेज और अन्य अहम साक्ष्य जब्त किए। एजेंसी के अनुसार भर्ती घोटाला वर्ष 2016 और 2021 की परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें ओएमआर शीट में छेड़छाड़, प्रश्नपत्र लीक और अभ्यर्थियों को अवैध लाभ पहुंचाने की साजिश का खुलासा हुआ है।
ईडी ने बताया कि इस मामले में आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों, सरकारी अधिकारियों, बिचौलियों और अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत, देहरादून में अभियोजन शिकायत पहले ही दाखिल की जा चुकी है। मामले की जांच अभी जारी है।