देहरादून। दिल्ली में आयोजित उत्तराखंड भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठनात्मक मजबूती और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक को लेकर प्रदेश अध्यक्ष परिवर्तन और कुछ विधायकों के टिकट कटने जैसी राजनीतिक चर्चाएं तेज थीं, लेकिन भाजपा ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने स्पष्ट कहा कि बैठक में इस तरह का कोई विषय चर्चा का हिस्सा नहीं था।
उन्होंने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संगठन की चरणबद्ध रणनीति तैयार करना था। संगठन को बूथ स्तर तक अधिक सक्रिय बनाने, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय करने और चुनावी तैयारियों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में केंद्र सरकार के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को भी प्रमुखता से उठाया गया। अभियान को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई। साथ ही मंडल, जिला और क्षेत्रीय स्तर पर बैठकों की रूपरेखा भी तय की गई।
भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि जल्द ही गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में वरिष्ठ नेताओं की अलग-अलग बैठकें होंगी। इसके बाद जिला, मंडल और बूथ स्तर पर संगठन की समीक्षा की जाएगी। सांसदों और विधायकों के साथ भी अलग बैठकें आयोजित कर संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की रणनीति बनाई जाएगी।
भाजपा का कहना है कि फिलहाल पार्टी का पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देने पर है। टिकट वितरण या बड़े संगठनात्मक बदलाव को लेकर पार्टी ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से परहेज किया है।