August 7, 2026 6:59 pm

उत्तराखंड की 13 बेटियों को मिलेगा तीलू रौतेली सम्मान, 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी होंगी सम्मानित

देहरादून। उत्तराखंड सरकार वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती के अवसर पर इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रदेश की 13 महिलाओं को प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित करेगी। इसके साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाली 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया जाएगा। सम्मान समारोह 8 अगस्त को देहरादून स्थित संस्कृति विभाग के सभागार में आयोजित होगा, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चयनित महिलाओं को सम्मानित करेंगे।

 

217 आवेदनों में से चुनी गईं 13 प्रेरणादायी महिलाएं

इस वर्ष तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए प्रदेश के सभी 13 जिलों से कुल 217 आवेदन प्राप्त हुए। समाज सेवा, शिक्षा, खेल, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, संगीत, कला और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के आधार पर प्रत्येक जिले से एक महिला का चयन किया गया।

35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी मिलेगा सम्मान

राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के लिए प्रदेशभर से 220 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का चयन किया गया है। इन कार्यकर्ताओं ने पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, बाल विकास और ग्रामीण जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।

वर्ष 2026 के तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित होने वाली महिलाएं

  • उत्तरकाशी – श्वेता बधानी (सामाजिक क्षेत्र)
  • अल्मोड़ा – पुष्पा फर्त्याल (संस्कृति एवं कला)
  • बागेश्वर – दया दानू (समाज सेवा)
  • चमोली – नंदा सती (संगीत)
  • चंपावत – रितिका बगोली (पर्यावरण संरक्षण एवं शिक्षा)
  • देहरादून – नीतू रानी (शिक्षा एवं बहादुरी)
  • हरिद्वार – वैशाली शर्मा (समाज सेवा)
  • नैनीताल – लतिका (खेल)
  • पौड़ी गढ़वाल – प्रियंका थपलियाल (खेल, समाज सेवा एवं महिला सशक्तिकरण)
  • पिथौरागढ़ – कलावती देवी (सामाजिक कार्य)
  • रुद्रप्रयाग – दुर्गा देवी (समाज सेवा)
  • टिहरी गढ़वाल – सरिता कोठियाल (सामाजिक क्षेत्र)
  • ऊधमसिंह नगर – पुष्पा देवी (दिव्यांग खेलों में उत्कृष्ट योगदान)

राज्य सरकार का कहना है कि तीलू रौतेली सम्मान का उद्देश्य केवल उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान करना ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली महिलाओं को नई पहचान और प्रेरणा प्रदान करना भी है। यह पुरस्कार वर्ष 2006 से लगातार प्रदान किया जा रहा है और आज प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित महिला सम्मानों में शामिल है।