September 20, 2026 2:12 pm

उत्तराखंड में व्यापक स्तर पर होंगे आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, हर जिले में तैयार होंगे 10 मास्टर ट्रेनर

देहरादून। उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत करने के लिए राज्यभर में प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रम व्यापक स्तर पर चलाए जाएंगे। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से राज्य से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों, कर्मचारियों और विभिन्न विभागों से जुड़े कार्मिकों को आपदा प्रबंधन, जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, खोज एवं बचाव तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नियमित और चरणबद्ध तरीके से संचालित करने के लिए वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया जाएगा। भारतीय प्रशासनिक सेवा और प्रांतीय सिविल सेवा के अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के कार्मिकों के लिए भी उनकी भूमिका और जिम्मेदारी के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान के कार्यकारी निदेशक मधूप व्यास ने शनिवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का भ्रमण कर अधिकारियों के साथ प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास की कार्ययोजना पर चर्चा की। इस दौरान सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्राधिकरण की गतिविधियों की जानकारी दी।

हर जिले में तैयार होंगे 10 मास्टर ट्रेनर

प्रथम चरण में प्रत्येक जिले में 10 मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। इन्हें आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ये मास्टर ट्रेनर अपने-अपने जिलों में संबंधित विभागों, कार्मिकों और अन्य हितधारकों को प्रशिक्षण देंगे। राज्य स्तर पर भी मास्टर ट्रेनरों का एक प्रशिक्षित समूह तैयार किया जाएगा, जो जिला स्तर के प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देगा।

मॉक ड्रिल और अभ्यास पर भी जोर

बैठक में प्रशिक्षण के साथ मॉक ड्रिल, अभ्यास और व्यावहारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि वास्तविक आपदा की स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए नियमित प्रशिक्षण और अभ्यास जरूरी है।

मधूप व्यास ने कहा कि उत्तराखंड भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, अतिवृष्टि, बादल फटने, हिमस्खलन और वनाग्नि जैसी विभिन्न आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे में आपदा से पहले की तैयारी मजबूत करने के साथ ही आपदा के दौरान प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए लगातार क्षमता विकास जरूरी है।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम विभागीय आवश्यकताओं और स्थानीय आपदा जोखिमों के अनुरूप तैयार किए जाएंगे। इसका उद्देश्य ऐसी प्रशिक्षित मानवशक्ति तैयार करना है, जो आपदा से पहले तैयारी, आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया और बाद में राहत एवं पुनर्बहाली के कार्यों में प्रभावी भूमिका निभा सके।