देहरादून। कांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाने के लिए कथित तौर पर गलत जानकारी के आधार पर आवेदन किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने चुनाव आयोग से ऐसे मामलों की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई और दंड का प्रावधान करने की मांग की है।
कांग्रेस का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति राजनीतिक दुर्भावना से जानबूझकर गलत जानकारी देकर किसी योग्य मतदाता का नाम हटवाने का प्रयास करता है तो इसे सामान्य आवेदन की प्रक्रिया मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में आवेदक की मंशा की जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का मतदान का अधिकार प्रभावित न हो।
सुनवाई में कांग्रेस के प्रतिनिधि रखेंगे पक्ष
कांग्रेस ने बताया कि इस मामले को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग से मिलने का समय मांगा गया था, लेकिन प्रतिनिधिमंडल को समय नहीं मिल सका। इसके बाद पार्टी ने विधानसभा स्तर पर होने वाली सुनवाई के दौरान अपने प्रतिनिधियों और जानकार लोगों को तैनात करने का फैसला किया है। कांग्रेस के प्रतिनिधि संबंधित मतदाताओं के मामलों में उपलब्ध तथ्यों और तर्कों के आधार पर उनका पक्ष रखेंगे।
पार्टी नेताओं का आरोप है कि राज्य स्तर पर अधिकारियों के सामने कई बार यह मामला उठाया जा चुका है, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से गलत आवेदन करने वालों के खिलाफ स्पष्ट कार्रवाई और दंड की व्यवस्था करने की मांग की है। पार्टी ने यह भी संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर मामले को न्यायालय और उच्चतम न्यायालय तक ले जाया जाएगा।
खड़गे के बयान को बताया धामी को जवाब
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान को भी प्रमुखता से उठाया, जो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की टिप्पणी के जवाब में दिया गया था। गोदियाल ने कहा कि खड़गे ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री के बयान का जवाब दिया है।
गोदियाल के अनुसार, खड़गे ने कहा कि जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जन्म भी नहीं हुआ था, तब वह कर्नाटक में विधायक रह चुके थे और विश्वविद्यालय के विजिटर के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके थे। कांग्रेस ने खड़गे के इस बयान को मुख्यमंत्री धामी की टिप्पणी का करारा जवाब बताया है।
गोदियाल ने यह भी कहा कि खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के कर्नाटक दौरे का उल्लेख करते हुए उस समय कांग्रेस सरकार द्वारा उन्हें दिए गए सम्मान का जिक्र किया। कांग्रेस ने खड़गे के बयान को राजनीतिक बहस में अपना मजबूत पक्ष बताया है।