September 2, 2026 6:45 pm

मसूरी गोलीकांड के शहीदों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री धामी

देहरादून/मसूरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को शहीद स्थल झूलाघर, मसूरी में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने मसूरी गोलीकांड के शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि उनके संघर्ष, तप, त्याग और बलिदान से ही उत्तराखंड राज्य गठन का सपना साकार हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी की धरती उत्तराखंड राज्य आंदोलन के संघर्ष और बलिदान की साक्षी रही है। वर्ष 1994 में हजारों आंदोलनकारी खटीमा गोलीकांड के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। शहीद आंदोलनकारियों का बलिदान प्रत्येक उत्तराखंडवासी की स्मृतियों में सदैव अमर रहेगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को राज्य निर्माण के संघर्ष और आंदोलनकारियों के योगदान से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। राज्य सरकार आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है, जबकि शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रतिमाह की गई है।

उन्होंने बताया कि जेल गए और घायल आंदोलनकारियों की पेंशन 7 हजार रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों की पेंशन 5,500 रुपये प्रतिमाह की गई है। पूर्णतः शय्याग्रस्त दिव्यांग आंदोलनकारियों की पेंशन भी बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह की गई है। आंदोलनकारियों के अधिकतम दो बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और आंदोलनकारियों को परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून और कठोर भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की अस्मिता और संस्कृति की रक्षा के लिए धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। साथ ही सीमांत क्षेत्रों तक सड़क, रेल, रोपवे और हवाई संपर्क का विस्तार किया जा रहा है। युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी सरकार का विशेष जोर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई युवा रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर न हो, कोई गांव विकास से वंचित न रहे और राज्य की अस्मिता एवं संस्कृति सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि हर गांव आत्मनिर्भर और समृद्ध बने, हर हाथ को काम और हर युवा को रोजगार मिले, इसी लक्ष्य के साथ सरकार आगे बढ़ रही है।