देहरादून। नगर निगम परिसर में बुधवार को नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे की अध्यक्षता में पशु कल्याण, आवारा पशु प्रबंधन और पशुओं की पहचान एवं संरक्षण को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में नगर आयुक्त ने नगर निगम क्षेत्र में पशुओं की टैगिंग और आरएफआईडी आधारित पहचान प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पशुओं की पहचान के लिए आधार आधारित तकनीकी व्यवस्था की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा। बैठक में आवारा एवं निराश्रित पशुओं के टीकाकरण, आश्रय गृहों के संचालन, पशु संरक्षण, गोद लेने की व्यवस्था और पशुओं से संबंधित आंकड़ों के डिजिटलीकरण पर चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने पशु चिकित्सा अनुभाग को आंकड़ों का नियमित अद्यतन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भारत पशुधन पोर्टल पर वार्ड और जोन स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने के लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नगर निगम की गौशालाओं और पशु आश्रय स्थलों में पशुओं की संख्या, स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में पशु कल्याण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने, मोबाइल एप के माध्यम से श्वान पंजीकरण और नागरिक सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। नगर निगम के लिए पशु एंबुलेंस खरीदने के लिए संस्थाओं के सीएसआर और विधायक निधि से सहयोग लेने का सुझाव भी दिया गया।
नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने कहा कि नगर निगम पशु कल्याण और आवारा पशु प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से प्रभावी और स्थायी व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में डॉ. डीके चंद, डॉ. वरुण अग्रवाल, मनीष पंत, रश्मि शर्मा और सोहन नेगी मौजूद रहे।