देहरादून। उत्तराखंड में वस्तु एवं सेवा कर संग्रहण में लगातार सुधार हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अगस्त माह में राज्य को जीएसटी से 920 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वित्तीय वर्ष के इसी माह में मिले 780 करोड़ रुपये के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक है।
प्रदेश में जीएसटी के तहत 2.15 लाख से अधिक व्यापारी और फर्म पंजीकृत हैं। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 12,200 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य हासिल करने के लिए राज्य कर विभाग जीएसटी विवरणी, ई-वे बिल और वास्तविक कारोबार के आंकड़ों का विश्लेषण कर कर चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।
हालांकि, जीएसटी परिषद की ओर से विभिन्न वस्तुओं पर कर दरों में किए गए बदलाव के कारण अगस्त माह में एकीकृत जीएसटी के संग्रह में कमी आई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अगस्त में उत्तराखंड से 340 करोड़ रुपये का एकीकृत जीएसटी प्राप्त हुआ था।
फर्जी फर्मों पर विभाग की नजर
जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों और फर्मों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि विभागीय जांच में कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें कारोबार नहीं करने वाली फर्मों का फर्जी तरीके से पंजीकरण कराकर कर चोरी की गई। ऐसी फर्मों के माध्यम से माल की खरीद दिखाकर कई व्यापारी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेते हुए सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं।
राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन ने कहा कि अगस्त माह में जीएसटी संग्रह में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कर चोरी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और बकाया कर की वसूली भी की जा रही है।