October 11, 2026 7:08 pm

कल हरिद्वार में होगी धामी कैबिनेट की बैठक, विपक्षी विधायक ने सरकार से रख दी ये मांग…

हरिद्वार। हरिद्वार में प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक से पहले कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने प्रदेश सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने लालढांग क्षेत्र में रवासन नदी पर पुल निर्माण शुरू कराने और भोजनमाताओं का मानदेय बढ़ाकर पांच हजार रुपये करने का शासनादेश जारी करने की मांग की है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि बैठक में उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो वह आमरण अनशन करेंगी।

रविवार को अनुपमा रावत ने अजितेश विहार स्थित अपने आवास पर भोजनमाताओं के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भोजनमाताओं के मानदेय में वृद्धि का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा। विधायक ने कहा कि भोजनमाताएं विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी निभाती हैं। ऐसे में सरकार को उनका मानदेय बढ़ाकर पांच हजार रुपये करने का शासनादेश जारी करना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।

अनुपमा रावत ने लालढांग क्षेत्र में रवासन नदी पर पुल निर्माण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पुल नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। नदी पार करते समय कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद पुल निर्माण का मामला लंबे समय से लंबित है। उन्होंने सरकार से आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में निर्णय लेकर निर्माण कार्य का रास्ता साफ करने की मांग की। साथ ही उन्होंने भाजपा के पूर्व विधायक पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस विधायक ने भाजपा सरकार पर चुनावी वर्ष में अलग-अलग स्थानों पर मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित करने, लेकिन जनसमस्याओं का समाधान नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कभी खटीमा तो कभी हरिद्वार में बैठकें करने से जनता की समस्याएं हल नहीं होंगी। सरकार को आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय लेने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी दोनों प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आमरण अनशन का रास्ता अपनाएंगी।

सोमवार को सीसीआर में बैठक होगी, इसमें बाद मंत्रिमंडल में शामिल मंत्री हरकी पैड़ी पर गंगा आरती भी कर सकते है। हरिद्वार में वर्ष 2027 में होने वाले कुंभ मेले को लेकर विभिन्न विभागों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। सड़क, पेयजल, सीवर, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति देने पर जोर है। ऐसे में कैबिनेट की बैठक को कुंभ की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में कुंभ से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है। हालांकि, बैठक के एजेंडे और इसमें लिए जाने वाले निर्णयों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही प्रस्तावित फैसलों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि हरिद्वार में कैबिनेट बैठक का आयोजन महत्वपूर्ण है। कुंभ मेले की तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। बैठक के मद्देनजर प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की तैयारी की जा रही है।