October 12, 2026 7:47 pm

 ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत कांग्रेस का सर्वोच्च न्यायालय कूच, उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोदियाल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता हुए शामिल

नई दिल्ली: ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत उत्तराखंड कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर नई दिल्ली में प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर आयोजित सर्वोच्च न्यायालय कूच में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में प्रदेश के सैकड़ों वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कांग्रेस नेताओं ने बाराखंबा रोड से सर्वोच्च न्यायालय की ओर कूच करते हुए निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की और निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी संस्था या सरकार को इसे कमजोर करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं, मतदाताओं के नाम काटे जाने और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। कांग्रेस मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित अनियमितताओं में आपराधिक संलिप्तता की जांच के बाद कानूनी कार्रवाई तथा गिरफ्तारी की मांग करती है। गोदियाल ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाया जा रहा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान केवल कांग्रेस का राजनीतिक आंदोलन नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मताधिकार, लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता की रक्षा का अभियान है। उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाई जा रही है।

चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में भी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका और मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर निर्वाचन अधिकारियों को ज्ञापन दिए गए, लेकिन शिकायतों पर प्रभावी एवं पारदर्शी कार्रवाई नहीं होने से चुनाव प्रक्रिया के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस किसी भी कीमत पर नागरिकों के मताधिकार के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि जिस देश में वोट सुरक्षित नहीं होगा, वहां लोकतंत्र भी सुरक्षित नहीं रह सकता। यह संघर्ष किसी व्यक्ति या पद के विरुद्ध मात्र नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र जनता की आवाज दबाने से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से मजबूत होता है। कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्षता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।

चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि देश की जनता अपने मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का संतोषजनक समाधान नहीं हुआ, तो कांग्रेस अपने आंदोलन को और व्यापक रूप देगी।

सर्वोच्च न्यायालय कूच में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सहप्रभारी सुरेन्द्र शर्मा और मनोज यादव, पश्चिम बंगाल प्रभारी प्रकाश जोशी, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, विधायक विक्रम सिंह नेगी, लखपत बुटोला और फुरकान अहमद, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष गोदावरी थापली, प्रदेश उपाध्यक्ष संजय पालीवाल, सी.पी. सिंह, जयेन्द्र रमोला, अरुणा कुमार, हिमांशु गाबा, राकेश राणा, सोमेन्द्र बोरा, प्रशांत खंडूरी और आर्येन्द्र शर्मा शामिल रहे।

इसके अलावा संजय सैनी, संजय जैन, तेलूराम प्रधान, प्रदीप थपलियाल, राजवीर चौहान, मोहित शर्मा, सूरत सिंह नेगी, विपुल जैन, विनीत भट्ट, दिनेश कौशल, दिनेश चौहान, महेश जोशी और रामयश सिंह सहित उत्तराखंड कांग्रेस के सैकड़ों नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में भाग लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’, ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’, ‘संविधान का सम्मान करो’, ‘मताधिकार की रक्षा करो’ और ‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए।

गणेश गोदियाल ने कहा कि जब तक प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित नहीं होता और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस का लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।